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रामफोसा की यात्रा के दौरान भारत, द अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी के लिए रोडमैप तैयार करेंगे

विदेश मंत्रालय ने कहा कि उनकी इस भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए रोड मैप विकसित करने पर जोर रहेगा.

परेड की तैयारी (तस्वीर- PIB) परेड की तैयारी (तस्वीर- PIB)

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सीरिल रामफोसा गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे. इससे पहले दक्षिण अफ्रीका से 1995 में नेल्सन मंडेला मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे. ऐसे में रामफोसा दक्षिण अफ्रीका के दूसरे राष्ट्रपति हैं जिन्हें मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है. आर्थिक सचिव टी एस तिरूमूर्ति ने कहा, 'रामफोसा के साथ उनकी पत्नी, नौ वरिष्ठ मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और 50 सदस्यों का व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल भी होगा.'

25 जनवरी को दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति का राष्ट्रपति भवन में रस्मी स्वागत किया जाएगा. इसके बाद सीरिल रामफोसा राजघाट जाएंगे और वहां महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे. यहां से वह हैदराबाद हाउस जाएंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामाफोसा और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे. उनकी चर्चा में द्विपक्षीय और क्षेत्रीय महत्व के क्षेत्रों और आपसी हित के वैश्विक मुद्दों के शामिल होने की उम्मीद है. इसके बाद हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी अफ्रीकी राष्ट्रपति के सम्मान में दोपहर का भोज देंगे.

इस बीच विदेश मंत्रालय ने कहा कि रामफोसा की इस भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए रोड मैप विकसित करने पर जोर रहेगा. विदेश मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने गुरुवार को कहा, 'दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सीरिल रामफोसा की भारत यात्रा के दौरान प्रमुख एजेंडा में रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना और रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने के लिए रोड मैप विकसित करना शामिल रहेगा.'

आर्थिक सचिव टी एस तिरूमूर्ति ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि उनकी इस यात्रा के दौरान हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए एक रोड मैप पर सहमत होंगे. रक्षा और सुरक्षा क्षेत्रों के लिए दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग होगा.' तिरूमूर्ति के मुताबिक दक्षिण अफ्रीकी रक्षा उद्योग भारत के 'मेक इन इंडिया' पहल में नए सिरे से दिलचस्पी ले रहा है. हिंद महासागर क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा में भारत और दक्षिण अफ्रीका की गहरी रुचि है. साथ ही तिरूमूर्ति ने कहा, 'आतंकवाद, एफएटीएफ, साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में हमारी साझा चिंताएं हैं.'

गणतंत्र दिवस के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ाई गई

गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा और दिल्ली मेट्रो में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करते हुए दोनों जगह सुरक्षा बलों की संख्या को बढ़ा दिया गया है. जानकारी के मुताबिक दोनों जगह 400 से अधिक सीआईएसएफ के जवान तैनात किए गए हैं. इस बात की जानकारी खुद सीआईएसएफ ने दी है. हवाईअड्डा और मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों और सामान की बहुस्तरीय सुरक्षा जांच की जा रही है.

सीआईएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, '26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन को देखते हुये सभी मेट्रो स्टेशनों और हवाईअड्डे पर सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर इन्हें पुख्ता किया गया है. मध्य दिल्ली स्थित परेड स्थल के आसपास मेट्रो स्टेशनों पर विशेष निगरानी को सुनिश्चित किया गया है. बहुस्तरीय सुरक्षा जांच में अधिक समय लगने के कारण मेट्रो स्टेशनों पर भीड़ बढ़ने की समस्या को देखते हुए मेट्रो प्रबंधन और हवाईअड्डा प्राधिकरण ने यात्रियों से अतिरिक्त समय साथ लेकर चलने की अपील की है.'

मेट्रो और एयरोपोर्ट के आसपास तेजी से काम करने वाले क्यूआरटी और आतंक रोधी दस्ते में शामिल जवानों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई है. कई मेट्रो स्टेशन और हवाईअड्डे पर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के जवानों की भी तैनाती की गई है. बता दें कि सामान्य तौर पर दिल्ली मेट्रो और हवाईअड्डे पर CISF के 5-5 हजार जवान तैनात होते हैं.

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