हो सकता है कुछ दिनों बाद देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति में उड़ते नजर आएं. सरकार दो दशक से इस्तेमाल में आ रहे बोइंग 747 को बदलने पर विचार कर रही है.
हालांकि इस मामले पर पूरा फैसला आने में अभी वक्त लगेगा. संबधित मंत्रालय और रक्षा विशेषज्ञों की बैठकों और परीक्षणों के लंबे दौर के बाद इस फैसले को अमली जामा पहनाया जाएगा. अगर बोइंग की जगह एयरफोर्स 1 का चयन किया जाता है तो खर्चे घटाने पर जोर देने वाले मोदी को झटका भी लग सकता है क्योंकि दो इंजन वाले बोइंग के मुकाबले 4 इंजन वाला एयरफोर्स 1 काफी मंहगा है. IAF बोइंग विमानों का संचालन करती है. पिछले दो दशक से की विदेश यात्रा के लिए बोइंग का ही इस्तेमाल किया जाता रहा है.
हालांकि लंबी दूरी के लिए सिविल और रक्षा दोनों क्षेत्रों में बोइंग का ही इस्तेमाल किया जा रहा है. इसको टक्कर दे रहे एयरफोर्स 1 को काफी भरोसेमंद माना जाता है. एयरफोर्स 1 के साथ समस्या ईंधन की आती है. पुराने इंजन और बॉडी के आकार के कारण यह बहुत ईंधन खर्च करता है जिससे जाहिर है यात्रा का बजट भी बढ़ जाता है. नए विमान ईंधन बचाने के मामले में काफी बेहतर हैं.
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले डमी विमान में बम मिलने की खबर आने से हलचल मच गई थी. डमी विमान का इस्तेमाल आपातकालिन स्थिति में किया जाता है. हालांकि रक्षा मंत्रालय ने बम मिलने की खबर को गलत बताया था.