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सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव का तबादला, मिली ये नई जिम्मेदारी

नागेश्वर राव को सीबीआई के अंतरिम निदेशक पद से हटाकर डीजी फायर सर्विस नियुक्त किया गया है. यह पद पहले आलोक वर्मा को दिया गया था. लेकिन उन्होंने चार्ज लेने से इनकार कर दिया और पद से इस्तीफा दे दिया. अब यह पद नागेश्वर राव को सौंपा गया है.

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नागेश्वर राव
नागेश्वर राव

नागेश्वर राव को सीबीआई के अंतरिम निदेशक पद से हटाकर डीजी फायर सर्विस नियुक्त किया गया है. पहले यह पद आलोक वर्मा को दिया गया था लेकिन उन्होंने चार्ज संभालने से इनकार करते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था. CBI VS CBI की लड़ाई में सरकार ने आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को लंबी छुट्टी पर भेज दिया था. इसके बाद नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम डायरेक्टर बनाया गया था.

सीबीआई अंतरिम निदेशक बनते ही नागेश्वर राव ने 20 अधिकारियों को इधर से उधर कर दिया था. ट्रांसफर किए गए अधिकारियों में 2जी घोटाले की जांच करने वाले अधिकारी विवेक प्रियदर्शी भी शामिल थे. प्रियदर्शी दिल्ली के भ्रष्टाचार निरोधी शाखा में तैनात थे. तबादले के बाद उन्हें चंडीगढ़ भेज दिया गया था.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आलोक वर्मा को सीबीआई डायरेक्टर के पद पर बहाल कर दिया गया था. लेकिन बाद में उनको सीबीआई डायरेक्टर पद से हटाकर डीजी फायर सर्विसेज का कार्यभार सौंपा गया. लेकिन उन्होंने यह पद संभालने से इनकार कर दिया और इस्तीफा दे दिया.

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मुजफ्फरपुर कांड की जांच कर रहे अधिकारी का किया था तबादला

बिहार के चर्चित मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को लताड़ लगाई थी. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाते हुए पूछा कि जांच अधिकारी एके शर्मा का तबादला क्यों किया गया? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप हमारे आदेश से खेल रहे हैं. आपको पता नहीं है कि आपने क्या किया है. आप मानते हैं कि कोर्ट के आदेश की अवमानना हुई है. आपका मामला अवमानना के लिए फिट है. कोर्ट ने एके शर्मा को हटाए जाने से नाराजगी जताते हुए उस वक्त के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव को तलब किया था. सुप्रीम कोर्ट ने नागेश्वर राव के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का नोटिस भी जारी किया.

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी के ट्रांसफर मामले में न्यायालय की अवमानना का मामला झेल रहे एजेंसी के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी थी. राव ने अपना माफीनामा कोर्ट में सुनवाई से एक दिन पहले दिया था. उन्होंने अपने माफीनामे में कहा था कि उन्होंने जानबूझ कर अदालत की अवमानना नहीं की.

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