फेसबुक डेटा लीक की गूंज भारत में भी सुनाई दे रही है. कैंब्रिज एनालिटिका नाम की एक कंपनी की ओर से कथित तौर पर फेसबुक से लोगों के डेटा चुराकर इस्तेमाल करने की खबर ने डिजिटल दुनिया में तूफान मचा दिया है. ऐसे में देश के कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने फेसबुक को चेतावनी दी है कि अगर ऐसी शिकायत भारत के संदर्भ में मिलती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी. कानून मंत्री के मुताबिक अगर जरूरत पड़ी तो फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग को भारत में तलब किया जा सकता है.
रविशंकर प्रसाद ने तमाम मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए यह सवाल भी किया कि कांग्रेस पार्टी को साफ करना चाहिए कि डेटा चोरी करके कई देशों में चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली कंपनी के साथ उसके क्या संबंध हैं?
तो फेसबुक को भुगतना पड़ेगा नतीजा
रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को कहा, 'फेसबुक का दुनिया में भारत सबसे बड़ा बाजार है लेकिन उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि अगर उसने करोड़ों लोगों तक अपनी पहुंच का बेज़ा इस्तेमाल करने की कोशिश की तो हम उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने से नहीं हिचकेंगे.' कानून मंत्री के मुताबिक भारत में के 20 करोड़ यूजर्स हैं और अगर उनके डेटा का इस्तेमाल भारत में चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए किया जाता है तो फिर फेसबुक को इसका नतीजा भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए.
We support free exchange of ideas on social media but any attempt by social media including FB of trying to influence India's electoral process through undesirable means will not be tolerated. Let Facebook note it very clearly: Ravi Shankar Prasad, Union Minister
— ANI (@ANI)
कैंब्रिज एनालिटिका फर्म के बारे में कहा जा रहा है कि उसने कर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2016 को प्रभावित किया. बताया जा रहा है कि फेसबुक ने इस मामले की जांच के लिए एक डिजिटल फॉरेन्सिक एजेंसी को हायर किया है.
कांग्रेस को भी घेरा
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कैंब्रिज एनालिटिका भारत में कांग्रेस पार्टी के संपर्क में थी और राहुल गांधी के लिए रणनीति बनाने के काम में जुटी हुई थी. रविशंकर प्रसाद ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए यह भी कहा कि ऐसी भी खबरें आई हैं कि कैंब्रिज एनालिटिका के पूर्व सीईओ विपक्ष के कई नेताओं से मिले थे और 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति तैयार करने में उनकी मदद करने में लगे थे.
उन्होंने कहा कि कैंब्रिज एनालिटिका की करतूत दुनिया के सामने आने के बाद अब कांग्रेस पार्टी को यह जवाब देना ही होगा कि क्या वह भी के दम पर चुनाव प्रभावित करने में जुटी हुई थी. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि गुजरात से लेकर कर्नाटक के चुनाव में कांग्रेस पार्टी की गतिविधियों को देखकर ऐसा लगता है कि वह कैंब्रिज एनालिटिका की ओर से बताए गए रास्ते पर ही चल रही थी. उन्होंने कहा कि पहले भी ऐसी खबरें आ चुकी हैं कि राहुल गांधी के ट्विटर पर फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए बॉट्स का इस्तेमाल किया गया और अब कैंब्रिज एनालिटिका की बात सामने आने के बाद कांग्रेस पार्टी को इस बारे में सफाई पेश करनी होगी.
रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पार्टी से यह भी पूछा है कि उसे बताना चाहिए कि कितने भारतीय लोगों के चोरी किए गए डेटा उसके पास हैं और कैंब्रिज एनालिटिका का राहुल गांधी के सोशल मीडिया पर प्रोफाइल से क्या संबंध है.