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NJAC के रद्द होने के बाद हेडक्वार्टर में झारखंड के CM रघुबर दास रहेंगे

राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) के हेडक्वार्टर के लिए आवंटित किया गया बंगला AB-13 मथुरा रोड अब झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास को दे दिया गया है. एनजेएसी पर विवाद उठने के बाद एक साल से ये खाली पड़ा हुआ था.

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एनजेएसी के लिए आवंटित बंगला मिला रघुबर दास को
एनजेएसी के लिए आवंटित बंगला मिला रघुबर दास को

एनडीए सरकार ने अप्रैल में राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग(एनजेएसी) की अधिसूचना जारी करने के बाद AB-13 मथुरा रोड बंगले में आयोग का दफ्तर बनाने का फैसला किया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट की तरफ से इसे अस्वीकार किए जाने के बाद एक साल से ये बंगला खाली पड़ा हुआ था.


एक साल से खाली पड़े इस बंगले को झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास को दे दिया गया है. शहरी विकास मंत्रालय ने 21 दिसंबर को दास को ये बंगला आवंटित किया था.

आरटीआई से मिली जानकारी
इंडियन एक्सप्रेस अखबार की तरफ से डाली गई आरटीआई के जवाब में विधी और न्याय मंत्रालय ने कहा कि संसद के दोनों सदनों में संविधान संशोधन बिल और एनजेएसी एक्ट के सर्वसम्मति से पास होने के बाद मंत्रालय ने शहरी विकास मंत्रालय से एनजीएसी के हेडक्वार्ट्स के लिए एक बंगला आवंटित करने के लिए कहा था. इस साल 17 फरवरी को AB-13 को न्याय विभाग को आवंटित कर दिया गया था.

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मंत्रालय ने बताया कि आवंटन के एक महीने के अंदर ही न्याय मंत्रालय ने बंगले का अधिग्रहण कर लिया. सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट(सीपीडब्ल्यूडी) से बंगले पर पेंट करने और जरूरी मरम्मत का काम करने के लिए कहा गया.

7 पदों की मंजूरी
आरटीआई के जवाब में बताया गया है कि एनजेएसी में काम करने के लिए वित्त मंत्रालय की तरफ से सात नौकरियों की मंजूरी दी गई. न्याय विभाग ने गृह मंत्रालय से अनुरोध किया कि इन पदों के लिए अधिकारी उपलब्ध कराए जाएं. इसके बाद एक डिप्टी सेक्रेटरी और एक अंडर सेक्रेटरी समेत सात अधिकारियों को एनजेएसी हेडक्वार्टर्स में काम करने के लिए भेजा गया.

SC ने किया एनजेएसी रद्द
सुप्रीम कोर्ट की एक संविधान बेंच ने 16 अक्टूबर को एनजेएसी एक्ट को असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया था. कोर्ट का कहना था कि जजों की नियुक्ति के लिए पुराना कोलेजियन सिस्टम ही लागू रहेगा.

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