सरकार ने 15 सितंबर को सार्वजनिक क्षेत्र की तीन तेल विपणन कंपनियों को करीब 10,000 करोड़ रुपये का बांड जारी किया. इसका मकसद तेल कंपनियों को बाजार कीमत से कम मूल्य पर पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री से होने वाले नुकसान की भरपाई करना है.
घाटे की भरपाई के लिए बांड जारी
आधिकारिक बयान के अनुसार भारतीय तेल निगम (आईओसी) को 6,207.06 करोड़ रुपये मूल्य का बांड जारी किया गया जबकि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन को क्रमश: 2,033.99 करोड़ तथा 2065.28 करोड़ रुपये का बांड जारी किया गया.
स्पेशल बांड्स पर ब्याज दर 8. 24 फीसद
भारत सरकार के स्पेशल बांड्स पर ब्याज दर 8. 24 फीसद है और यह 2024 में पूरा होगा. लागत से कम मूल्य पर पेट्रोल, डीजल, केरोसीन और घरेलू एलपीजी बेचे जाने के कारण इन कंपनियों को बांड जारी किया गया है.