क्या आप जानते हैं कि देश का सबसे अमीर म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन कौन है? अगर नहीं, तो हम आपको बताते है. वह है मुंबई म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन, जिसे हम BMC के नाम से भी जानते है. इस म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन का बजट देश के कई छोटे राज्यों से भी ज्यादा है, फिर भी ये कार्पोरेशन बहुत सुस्त है.
2013-14 में BMC का बजट करीब 27 हजार 578 करोड़ रुपये का था. लेकिन यह वित्तीय वर्ष खत्म होने में सिर्फ 2 महीने ही बचे हैं और अब तक कार्पोरेशन ने बजट का सिर्फ 22 प्रतिशत हिस्सा ही खर्च किया है. कार्पोरेशन के सुस्त रवैये की जब आजतक ने पड़ताल की तो पाया कि कई ऐसे विभाग हैं, जिस पर सिर्फ नाम मात्र का खर्च किया गया है.
किस विभाग पर कितना खर्च किया गया:
ट्रांसपोर्ट विभाग का बजट है 49 करोड़ है लेकिन अब तक खर्च हुआ है सिर्फ 5 करोड़.
एस्टेट विभाग का बजट है 40 करोड़ लेकिन अब तक खर्च हुआ है सिर्फ 1 करोड़.
डेवलपमेंट विभाग का बजट है 503 करोड़ लेकिन अब तक खर्च हुआ है सिर्फ 46 करोड़.
फायर ब्रिगेड विभाग का बजट है 160 करोड़ लेकिन अब तक खर्च हुआ है सिर्फ 4 करोड़.
रोड और ट्रैफिक विभाग का बजट है 1545 करोड़ लेकिन अब तक खर्च हुआ है सिर्फ 370 करोड़.
पुल विभाग का बजट है 310 करोड़ लेकिन लेकिन अब तक खर्च हुआ है सिर्फ 68 करोड़
आरोग्य विभाग का बजट है 163 करोड़ और लेकिन अब तक खर्च हुआ है सिर्फ 34 करोड़.
अस्पताल विभाग का बजट है 208 करोड़ और लेकिन अब तक खर्च हुआ है सिर्फ 45 करोड़
इन ब्यौरों से पता चलता है कि हर एक विभाग की कई जरूरतें है लेकिन BMC ने पैसा खर्च ही नहीं किया है. 4 फरवरी को नए साल का बजट भी अनाउंस कर दिया जायेगा, लेकिन सवाल ये है कि इतने बड़े बजट का फायदा क्या जब वो लोगो के विकास के कामों में सही तरीके से इस्तेमाल ही नहीं होता.