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रेल मंत्री रहने के दौरान नीतीश ने किया था मोदी गान, बीजेपी ने जारी किया वीडियो

गठबंधन टूटने से बौखलाई बीजेपी ने नीतीश के प्लान की हवा निकालने की तैयारी कर ली है. बीजेपी ने इसके लिए एक वीडियो रिलीज ने किया है जिसमें नीतीश कुमार, मोदी के विकास की जमकर तारीफ करते देखे जा सकते हैं.

नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी

17 साल एक साथ चलने के बाद जेडीयू और बीजेपी की राहें अलग हो गई हैं. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मानें तो इसकी वजह हैं बीजेपी का नया नेतृत्व और मोदी-प्रेम.

नीतीश कुमार को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी कट्टरवादी हिंदुत्व छवि से खासा परहेज रहा है और यही गठबंधन टूटने का मुख्य कारण बना. सियासी पंडितों की मानें तो नीतीश ने मोदी की मुखालफत करके खुद को धर्मनिरपेक्ष नेता के तौर पर प्रोजेक्ट करने की कोशिश की है.

पर गठबंधन टूटने से बौखलाई बीजेपी ने नीतीश के इस प्लान की हवा निकालने की तैयारी कर ली है. बीजेपी ने इसके लिए एक वीडियो रिलीज किया है. इसमें नीतीश कुमार  मोदी के विकास की जमकर तारीफ करते नजर आ रहे हैं. वीडियो में गुजरांत दंगों का भी जिक्र है. नीतीश ने भाषण के दौरान लोगों से दंगों के बाद लगे दाग को भूलकर आगे बढ़ने की बात कही.

बीजेपी इस वीडियो के जरिए नीतीश के छद्म धर्मनिर्पेक्षता सिद्धांत की हवा निकालने की कोशिश में है. बीजेपी बिहार की जनता को यह संदेश देना चाहती है कि नीतीश ने जो किया उसके पीछे कोई सिद्धांत नहीं है बल्कि चुनावी अवसरवादिता है. दरअसल, नीतीश की नजर राज्य के 18 फीसदी मुस्लिम वोटरों पर है.

गौर करने वाली बात है कि नीतीश कुमार ने यह भाषण 13 दिसंबर 2003 को गुजरात के कच्छ में एक रेल प्रॉजेक्ट के उद्घाटन के दौरान दिया था. जो वीडियो सामने आया है उसमें नीतीश भविष्यवाणी करते हुए दिख रहे हैं कि आने वाले दिनों में नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय राजनीति के परिदृश्य पर छा जाएंगे.

नीतीश कुमार ने अपने भाषण मे कहा था, 'मुझे पूरी उम्मीद है कि बहुत दिनों तक नरेंद्र भाई गुजरात के दायरे में सिमट कर नहीं रहेंगे. देश को इनकी सेवाएं जरूर मिलेंगी.'

तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि गुजरात के बाहर मोदी की अलग छवि प्रचारित की जाती है. लेकिन मैं नहीं जानता उससे इनका कोई नुकसान होता है.

नीतीश ने अपने इस भाषण में 2002 के गुजरात दंगे का भी जिक्र किया था. उन्होंने कहा, 'अब जो कुछ हुआ वो तो बदनुमा धब्बा है. पर उसको याद करते हुए हम सब कुछ भूल जाएं. वह भी ठीक नहीं है.'

हालांकि बीजेपी के इस वार पर नीतीश कुमार ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि ऐसे मंचों पर राजनीतिक भाषण नहीं दिए जाते हैं. उनके मुताबिक, प्रोटोकॉल की वजह से मैंने मोदी की तारीफ की थी.

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