सत्ता में आने को बेताब भारतीय जनता पार्टी के रंग-ढंग चुनावी मौसम में बदलने लगे हैं. कभी 'हिंदुत्व' को मुख्य एजेंडा मानने वाली मुख्य विपक्षी पार्टी ने अपनी ओर से मुसलमानों से माफी की पेशकश की है और एक मौका देने की अपील की है.
पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने गुजरात दंगों के संदर्भ में कहा कि अगर पार्टी की ओर से कोई गलती हुई है तो वह उसके लिए माफी मांगेगी. वह बीजेपी की ओर से 'नरेन्द्र मोदी मिशन 272 प्लस: मुस्लिमों की भूमिका' विषय पर आयोजित सम्मेलन में बोल रहे थे.
राजनाथ ने कहा, 'कलेजे पर हाथ रख कर जो भी सवाल हो आप खुद पूछ लेना. बराय मेहरबानी इसे जान लीजिए कि अगर कभी भी, कहीं भी, हमारी ओर से कोई गलती या चूक हुई होगी तो, मैं आपको आश्वासन देता हूं कि हम शीश झुका कर, सिर झुका कर माफी मांगेंगे.'
गौरतलब है कि दंगों के वक्त गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी ने भारी सियासी दबाव के बाद भी दंगों के लिए अब तक माफी नहीं मांगी है. हालांकि पिछले साल उन्होंने दंगों पर 'अफसोस' जरूर जताया था.
'मुसलमानों के खिलाफ नहीं है BJP'
राजनाथ ने कहा कि बीजेपी मुसलमानों के खिलाफ नहीं है और समुदाय को उनकी पार्टी के खिलाफ किए जा रहे गलत प्रचार में नहीं आना चाहिए. उन्होंने मुस्लिम समुदाय से कहा, 'आपने उनको (कांग्रेस) बार-बार देख लिया. हमें कम से कम एक बार आजमाइए. हम आपकी कसौटी पर खरे नहीं उतरते हैं तो हमारी तरफ कभी मुड़कर मत देखिएगा. लेकिन एक बार मौका दें.'
राजनाथ ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा, सिर्फ एक दंगे की बात की जाती है और वे हैं 2002 के दंगे. क्या इससे पहले जब हितेंद्र देसाई मुख्यमंत्री थे (गुजरात के) तब वहां दंगे नहीं हुए थे?'
'दंगों के वक्त मुस्लिम कैंपों में जाने की कोशिश की मोदी ने'
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, 'गुजरात दंगों को लेकर पार्टी के सीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ ऐसा दुष्प्रचार किया जा रहा कि मोदी ने सारे मुसलमानों के कत्लेआम का आदेश दे दिया था. हकीकत यह है कि मोदी ने लगातार दंगा प्रभावित मुस्लिम कैंपों में जाने की कोशिश की.'
84 दंगों के हवाले से कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा, '1984 के सिख विरोधी दंगो के लिए हमने नहीं कहा था कि बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है. यह उस समय के प्रधानमंत्री और दिग्गज कांग्रेसी (राजीव गांधी) ने कहा था. हमने तो सिखों पर हुए जुल्म की निंदा की थी.'
'कांग्रेस का झूठा प्रचार समझें मुसलमान
कांग्रेस शासित असम में पूर्व में हुए दंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, 'वहां (हितेश्वार) सैकिया के सीएम काल में एक दिन में 5000 मुस्लिमों का कत्लेआम हो गया. उन्होंने कहा कि मोदी और बीजेपी को बदनाम करने के लिए कांग्रेस मिथ्या प्रचार करती है, जिसे अब मुसलमानों को समझना चाहिए.'
पार्टी अध्यक्ष ने कहा एक दुष्प्रचार यह किया जा रहा है कि मुस्लिम समुदाय मोदी से डरता है. लेकिन हकीकत यह है कि गुजरात में स्थानीय निकायों के चुनावों में अगर सबसे ज्यादा किसी एक पार्टी के निशान पर मुस्लिम समाज के लोग विजयी हुए हैं तो वह है बीजेपी का कमल. उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वे एक सरकार बनाने के लिए नहीं बल्कि एक ऐसा मजबूत देश बनाने के लिए इस बार वोट करें जिसमें भाईचारा और मानवता बनी रहे.
'धर्म के आधार पर नहीं हो सकता आरक्षण'
मुसलमानों को आरक्षण देने के सवाल पर राजनाथ ने कहा कि संविधान धर्म के नाम पर आरक्षण की इजाज़त नहीं देता है. अगर आप आरक्षण चाहते हैं तो हिन्दू, मुसलमान, ईसाई जो भी गरीब हैं उसे आरक्षण दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण लोगों को आपस में लड़ाएगा और बांटेगा. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी सच्चर कमेटी की रिपोर्ट में कही गई इस बात मानती है कि देश में आज मुसलमानों की हालत सबसे खराब है. लेकिन इसके लिए जिम्मेदार तो कांग्रेस ही है जिसका आजादी के बाद 55 साल तक शासन रहा.