अरविंद केजरीवाल की ओर से बिक्रम सिंह मजीठिया को लिखे गए माफीनामे को लेकर ‘आप’ में विवाद खत्म होता नहीं दिख रहा. कुमार विश्वास के विरोध के बाद आप सांसद भगवंत मान ने पंजाब अध्यक्ष और पंजाब में पार्टी के को-प्रेसिडेंट अमन अरोड़ा ने पद छोड़ने का ऐलान कर दिया.
दूसरी ओर, लोक इंसाफ पार्टी (बैंस ब्रदर्स) ने आम आदमी पार्टी से पंजाब में गठबंधन तोड़ दिया है. लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने बताया कि आप पार्टी पंजाब में दो धड़ों में बट सकती है. पंजाब में पार्टी के 15 विधायक अलग होकर एक नया संगठन बनाने की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन पांच विधायक अभी भी पार्टी से अलग होने के पक्ष में नहीं है.
कई नेता नाराज
दिल्ली के मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के माफी मांगने के बाद से 'आप' के कई नेता नाराज बताए जा रहे हैं. भगवंत मान ने फेसबुक पर पंजाबी और अंग्रेजी भाषा मे पोस्ट करते हुए अपने इस्तीफ़े की जानकरी दी है. भगवंत मान ने लिखा "मैं आम आदमी पार्टी के पंजाब अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहा हूं, लेकिन ड्रग माफिया और तमाम भ्रष्टाचार के खिलाफ मेरी लड़ाई एक 'आम आदमी' की तरह जारी रहेगी.
मान के बाद पार्टी के पंजाब के को-प्रेसिडेंट अमन अरोड़ा ने भी अपने पद से इस्तीफा दिया. ट्विटर पर उन्होंने अपने इस्तीफे को लेकर जानकारी दी.
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह की तरफ से भी अरविंद केजरीवाल को झटका लगा है. संजय सिंह ने कहा, 'मैं अब भी अपने बयानों पर कायम हूं, मैं अब भी मानता हूं कि मजीठिया ड्रग्स के कारोबार में शामिल थे.' उन्होंने कहा, 'मैं नहीं जानता कि अरविंद केजरीवाल का इस मुद्दे पर क्या स्टैंड है, लेकिन मैं अपनी बात पर कायम हूं.'Rspctd ji,
Due to painful turn of events since yesterday, plz accept my resignation from the post of Co-President.Rgds
njha
— Aman Arora (@AroraAmanSunam)
पंजाब आम आदमी पार्टी के नेता सुखपाल खैरा ने कहा कि पंजाब में पार्टी के सभी विधायक केजरीवाल के इस फैसले के खिलाफ हैं. वो सब अरविंद केजरीवाल के स्टैंड के साथ किसी भी हाल में खड़े नहीं होंगे.
ਮੈਂ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਪ੍ਰਧਾਨਗੀ ਦੇ ਅਹੁਦੇ ਤੋਂ ਅਸਤੀਫ਼ਾ ਦੇ ਰਿਹਾ ਹਾਂ ..
I m resigning as a president of AAP Punjab ...but my fight against drug mafia and all kind of corruption in Punjab will continue as an “Aam Aadmi “ of Punjab
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann)
आपको बता दें कि पंजाब चुनाव प्रचार के दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया पर आम आदमी पार्टी के नेताओं केजरीवाल, संजय सिंह, आशीष खेतान ने पब्लिक मीटिंग में और रैलियों के दौरान मजीठिया और उनके परिवार पर ड्रग्स की तस्करी करने और पंजाब में नशीले पदार्थ बेचने के आरोप लगाए थे. इसके बाद चुनाव खत्म होने के बाद बिक्रम सिंह मजीठिया ने अमृतसर जिला अदालत में अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और आशीष खेतान पर मानहानि का केस कर दिया था.
केस में सुनवाई अब निर्णायक मोड़ पर थी और केजरीवाल को ये अहसास हो गया कि इस मानहानि के केस का फैसला उनके खिलाफ आ सकता है. इसके बाद केजरीवाल ने बिक्रम सिंह मजीठिया को चिट्ठी लिखकर माफी मांग ली.
कांग्रेस ने मैच फिक्सिंग बताया
वहीं पंजाब कांग्रेस ने इस पूरे मामले को मैच फिक्सिंग बताया. पंजाब कांग्रेस के प्रवक्ता और अमृतसर से विधायक राजकुमार वेरका ने कहा कि अब ये साफ हो गया है कि पंजाब में आप पार्टी और अकाली दल मैच फिक्सिंग कर रही है. एक तरफ तो आम आदमी पार्टी विधानसभा में कैप्टन सरकार पर मजीठिया के खिलाफ ड्रग्स तस्करी के आरोपों की जांच करवाने और उसे जेल भेजने की मांग करती है और वहीं आम आदमी पार्टी सुप्रीमो केजरीवाल मजीठिया पर लगाए गए ड्रग्स तस्करी के आरोपों को लेकर माफी मांग लेते हैं.
क्या जेटली से भी माफी मांगेंगे केजरीवाल?
मानहानि केस में सबसे बड़ा मामला अरविंद केजरीवाल बनाम अरुण जेटली का है. अरुण जेटली ने केजरीवाल के अलावा के आशुतोष, कुमार विश्वास, संजय सिंह, राघव चड्ढा और दीपक बाजपेयी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा किया था. AAP के नेताओं ने DDCA में अरुण जेटली के अध्यक्ष रहने के दौरान भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था, जिस पर अरुण जेटली ने 10 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा किया है.
दोनों के बीच बढ़ी है तल्खी!
बता दें कि केजरीवाल की ओर से इस मामले में वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने पैरवी की थी. सुनवाई के दौरान राम जेठमलानी ने जेटली के लिए धूर्त शब्द का प्रयोग किया था. इस मुद्दे पर काफी हंगामा हुआ था, हालांकि कुछ समय बाद ही राम जेठमलानी इस केस से पीछे हट गए थे.
अभी जनवरी में राजधानी दिल्ली में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में अरुण जेटली और अरविंद केजरीवाल साथ नज़र आए थे. दोनों एक साथ बात करते हुए देखा गया था. दोनों नेताओं की तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही थी.
गडकरी ने भी किया था मानहानि केस
दिल्ली सीएम ने 2014 में बीजेपी अध्यक्ष रहे नितिन गडकरी पर भी आरोप लगाए थे. केजरीवाल ने गडकरी का नाम सबसे भ्रष्ट नेताओं की लिस्ट में जारी किया था. जिसके बाद गडकरी ने उनपर मानहानि का केस दायर किया था. इस मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने केजरीवाल के खिलाफ फैसला सुनाया था, जिसके बाद केजरीवाल मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे थे. हालांकि, 2015 में केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट से मामला वापस ले लिया था.
क्यों मांग रहे माफी?
आम आदमी पार्टी सूत्रों के मुताबिक केजरीवाल अपने खिलाफ चल रहे मानहानि के सभी मामलों में संबंधित नेताओं से माफी मांगेंगे. इसी क्रम में केजरीवाल ने मजीठिया से माफी मांगी है. आम आदमी पार्टी का कहना है कि कोर्ट के मामलों के चलते दिल्ली के मुख्यमंत्री का काफी समय बर्बाद हो रहा है. साथ ही आम आदमी पार्टी और व्यक्तिगत तौर पर मुख्यमंत्री के संसाधन बर्बाद हो रहे हैं.