चीनी खिलाड़ी ली ना ने आस्ट्रेलियाई ओपन में महिला एकल वर्ग के सेमीफाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त कैरोलिन वोजनियाकी को 3-6, 7-5, 6-3 से हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया, जहां उनका मुकाबला अमेरिकी ओपन चैंपियन किम क्लाइस्टर्स से होगा.
खास बात यह है कि ली ना किसी ग्रैंडस्लैम के एकल फाइनल में पहुंचने वाली पहली चीनी और पहली एशियाई खिलाड़ी हैं.
दूसरे सेमीफाइनल में क्लाइस्टर्स ने विश्व की नंबर दो वेरा जुवेनरेवा के खिलाफ दबदबा बनाये रखा और यह मुकाबला आसानी से 6-3, 6-3 से जीत लिया. बेल्जियम की 27 वर्षीय क्लाइस्टर्स इससे पहले वर्ष 2004 में आस्ट्रेलियाई ओपन के फाइनल में पहुंची थीं, लेकिन तब जस्टिन हेनिन ने उन्हें उपविजेता बनने पर मजबूर कर दिया था.
सेमीफाइनल में पहुंचने वाली खिलाडियों में केवल क्लाइस्टर्स ही ऐसी थीं, जिन्होंने कोई ग्रैंडस्लैम खिताब जीता है. क्लाइस्टर्स वैसे तीन बार अमेरिकी ओपन जीत चुकीं हैं, जिसमें से दो बार यह खिताब उन्होंने वर्ष 2009 में संन्यास के बाद वापसी करने पर जीता है, लेकिन वापसी करने के बाद वह पहली बार अमेरिका के बाहर कोई ग्रैंडस्लैम जीतने की कोशिश करेंगी.{mospagebreak}
क्लाइस्टर्स ने कहा, ‘‘मैं काफी समय से दौरे पर हूं और मैंने कई बड़े मुकाबले खेले हैं. मैंने इन्हें हर बार नहीं जीता और कई बार मैं इन्हें हार गई. इन सबसे से सीख मिलती है. ’’
ली ना ने इसी महीने क्लाइस्टर्स को हराकर डब्ल्यूटीए प्रीमियर टूर्नामेंट जीतने वाली पहली चीनी खिलाड़ी बनी थीं. इस खिलाड़ी ने मैच के बाद कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं कि मैं फाइनल में पहुंचने वाली पहली चीनी खिलाड़ी बन सकी.’’
सेमीफाइनल मैच के पहले सेट में वोजनियाकी ने बेहतरीन शुरुआत करते हुए इसे 6-3 से जीत लिया, लेकिन दूसरे सेट से ली ना का शानदार खेल देखने को मिला और इसी चीनी खिलाड़ी ने टाईब्रेकर तक खिंचे इस सेट को 7-5 से जीता. तीसरे और निर्णायक सेट में ली ना का शानदार प्रदर्शन जारी रहा और उन्होंने वोजनियाकी का ग्रैंडस्लैम का सपना चूर चूर कर दिया.