बड़ोदरा में खेले गए पहले वनडे मैच में बेहद रोमांचक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 4 रन से हरा दिया. ऑस्ट्रेलिया के 292 रन के जवाब में भारतीय टीम 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 288 रन ही बना सकी. भारत की ओर से गौतम गंभीर ने 68, हरभजन सिंह ने 49 जबकि प्रवीण कुमार ने नाबाद 40 रन बनाये. आस्ट्रेलिया की ओर से शेन वाटसन और मिशेल जानसन ने दो-दो विकेट चटकाए. माइक हस्सी को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया.
प्रमुख भारतीय बल्लेबाजों ने निराश किया
ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए 293 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत कुछ खास नहीं रही. केवल 25 रन के कुल स्कोर पर उसका पहला विकेट सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के रूप में गिर गया. सहवाग ने केवल 13 रन बनाए और ब्रेट ली का शिकार हो गए. हालांकि लंबे समय के बाद एकदिवसीय मैचों में वापसी करने वाले सहवाग से बहुत उम्मीदें थीं. उसके बाद मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने भी इस मैच में निराश किया और केवल 14 रन बनाकर वाटसन की गेंद पर पवेलियन लौट गए. उसके बाद गौतम गंभीर ने पहले वीराट कोहली और फिर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ मिलकर भारतीय पारी को दिशा देने की भरपूर कोशिश की और एक हद तक कामयाब भी हुए. लेकिन वीराट कोहली के 30 रन बनाकर आउट होने के बाद गंभीर खुद भी आउट हो गए. गंभीर का विकेट मिशेल जॉनसन के नाम रहा.
अंतिम ओवर में हुआ मैच का फैसला
गंभीर के आउट होने के बाद सुरेश रैना कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का साथ देने आए लेकिन केवल 9 रन बनाकर जॉनसन का शिकार हो गए. इस तरह भारत का पांचवां विकेट गिरा. छठे विकेट के रूप में धोनी आउट हुए. धोनी ने 34 रनों की पारी खेली और वाटसन की गेंद पर ब्रेट ली को कैच थमा बैठे. उसके बाद तो ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम पूरे 50 ओवर खेल भी नहीं पाएगी. ऐसे में हरभजन सिंह और प्रवीण कुमार ने मिलकर मैच को बिल्कुल रोमांचक मोड़ में पहुंचा दिया. मैच के आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए 9 रनों की जरूरत थी. लेकिन ओवर की दूसरी गेंद पर सिडल ने हरभजन सिंह को बोल्ड कर मैच का रुख ऑस्ट्रेलिया की तरफ मोड़ दिया. हरभजन जहां अपने अर्द्धशतक से मात्र 1 रन से चूक गए वहीं प्रवीण कुमार 40 रन बनाकर नॉट आउट रहे.
{mospagebreak}ऑस्ट्रेलिया की पारी
कप्तान रिकी पोंटिंग की अगुवाई में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी की खामियों का पायदा उठाते हुए आठ विकेट पर 292 रन का स्कोर बनाया. टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया को शेन वाटसन के रूप में पहला भटका लगा, लेकिन पोंटिंग (74) और सलामी बल्लेबाज टिम पेन (50) के बीच 97 रन की साझेदारी से टीम उबरने में सफल रही. अच्छी शुरुआत के बाद कैमरून वाइट (51) और माइकल हस्सी (73) के अर्धशतकों से टीम मजबूत पारी की ओर अग्रसर हुई. मेजबान टीम ने सुबह सलामी बल्लेबाज वाटसन को आउट कर किया, जो दक्षिण अफ्रीका में चैम्पियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल और फाइनल में लगातार शतक जड़ने के बाद यहां आये हैं. वाटसन ने प्रवीण कुमार के ओवर में श्रृंखला की पहली गेंद पर चौका जमाया, लेकिन वह दूसरे ओवर में आशीष नेहरा की इनकमिंग गेंद पर पगबाधा आउट हुए. इससे ऑस्ट्रेलियाई टीम ने आठ गेंद के बाद पांच रन के स्कोर पर एक विकेट गंवा दिया था, पिर पोंटिंग क्रीज पर उतरे.
पोंटिंग ने खेली शानदार पारी
इंग्लैंड के खिलाफ बेस्ट ऑफ सेवन वनडे श्रृंखला में पिछली 10 पारियों में दो शतक और चार अर्धशतक जमाने वाले पोंटिंग और भारत में पहली एक दिवसीय श्रृंखला खेल रहे पेन ने भारतीय गेंदबाजों पर दबदबा बनाया. पोंटिंग और पेन ने प्लस पांच की रन गति बनाये रखी और 19वें ओवर तक 100 रन का स्कोर बनाया. लेकिन विकेटकीपर पेन (50) ने इशांत शर्मा की गेंद को स्लैश करने की कोशिश की और भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को कैच देकर आउट हुए. उन्होंने 62 गेंद की पारी में 9 चौके जमाये और पोंटिंग के साथ दूसरे विकेट के लिये 107 गेंद में 97 रन की भागीदारी की. पोंटिंग पूरी तरह नियंत्रण बनाते हुए खूबसूरती से स्ट्राइक कर रहे थे. उन्होंने आशीष नेहरा की गेंद पर एक छक्का जमाया और शतक बनाने के लिये अच्छी फॉर्म में थे. लेकिन वह रविंदर जडेजा की गेंद को टर्न करने के प्रयास में पगबाधा आउट हुए. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने 85 गेंद का सामना किया और आठ चौके तथा दो छक्के लगाये.
फॉर्म में लौटे हस्सी
उसके बाद वाइट और हस्सी ने 35वें ओवर के बाद फिर से रन गति को तेज कर दिया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई टीम 40वें ओवर के अंत तक तीन विकेट पर 213 रन बना चुकी थी. इन दोनों ने 77 गेंद में 76 रन जोड़े. ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम 10 ओवर में 54 रन जोड़कर भारत को 293 रन का लक्ष्य दिया. हस्सी इस श्रृंखला से पहले खराब फॉर्म में थे और वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी टेस्ट श्रृंखला पर उनके नाम पर सवालिया निशान लगा हुआ था. वह 54 गेंद में आठ चौके और एक छक्का लगाकर पवेलियन लौटे.
मिलीजुली रही भारतीय गेंदबाजी
भारतीय गेंदबाजी का प्रदर्शन मिला जुला रहा. नेहरा ने शुरू से प्रभावित किया, लेकिन कुमार खर्चीले गेंदबाज रहे, हालांकि वह दो बार दुर्भाग्यशाली भी रहे क्योंकि गेंद पेन के बल्ले को छूने के बावजूद स्लिप में खड़े क्षेत्ररक्षकों के हाथ में नहीं समा सकी. हस्सी ने 49वें ओवर में कुमार की गेंद को पवेलियन की छत तक पहुंचा दिया, जिससे इस भारतीय गेंदबाज ने 10 ओवर में 77 रन दिये. इशांत पिछले कुछ समय से जूझ रहे हैं, उनकी शुरुआत अच्छी नहीं रही लेकिन फिर धीरे धीरे उन्होंने दिखाया कि जब वह लय में हो तो वह कैसी गेंदबाजी कर सकते हैं. उन्होंने रन भी खर्च किये, लेकिन हस्सी, ब्रेट ली का विकेट चटकाया और 10 ओवर में 50 रन देकर तीन विकेट अपने नाम दिये. भारत के लिये स्पिन की अगुवाई करने वाले हरभजन सिंह ने भी खराब लाइन में गेंदबाजी कर निराश किया और पहले तीन ओवर में 20 रन दिये. फिर पांच ओवर के दूसरे स्पेल में 27 रन दिये. उन्हें स्लॉग ओवर में एडम वोग्स का विकेट मिला. उन्होंने 57 रन गंवाये.
जडेजा ने अच्छा प्रदर्शन किया और पोंटिंग का विकेट चटकाया. उन्होंने नौ ओवर में 39 रन देकर एक विकेट हासिल किया. भारतीय क्षेत्ररक्षण काफी निम्नस्तरीय था.
भारत : महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, सुरेश रैना, हरभजन सिंह, ईशांत शर्मा, आशीष नेहरा, प्रवीण कुमार, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा.
ऑस्ट्रेलिया: रिकी पोंटिंग (कप्तान), माइकल हसी, नाथन हॉरिट्ज, जेम्स होप्स, मिशेल जॉनसन, ब्रेट ली, टिम पैन, पीटर सिडल, एडम वोग्स, शेन वाट्सन और कैमरोन व्हाइट.