असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की फाइनल लिस्ट शनिवार को जारी कर दी गई. लेकिन इसके बावजूद यह अंतिम लिस्ट नहीं कही जा सकती क्योंकि दस्तावेज में गलती पाए जाए जाने पर एनआरसी में शामिल किसी भी शख्स को बाहर किया जा सकता है.
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर प्राधिकरण के मुताबिक दस्तावेज गलत पाए जाने पर सूची में शामिल व्यक्ति को बाहर किया जा सकता है. एनआरसी प्राधिकरण ने कहा है कि दस्तावेज गलत पाए जाने पर किसी भी समय अमुक शख्स को विदेशी घोषित किया जा सकता है.
बता दें कि 3,30,27,661 लोगों ने NRC में शामिल किए जाने के लिए आवेदन किया है. कुल आवेदकों में से 3,11,21,004 लोगों को एनआरसी की अंतिम सूची में शामिल करने के योग्य पाया गया है. जबकि 19,06,657 लोग इस सूची से बाहर हो गए हैं.
हालांकि गृह मंत्रालय पहले ही कह चुका है कि जो लोग राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम सूची से बाहर हो गए हैं, उन्हें हिरासत में नहीं लिया जाएगा. मंत्रालय का कहना है कि ये लोग 120 दिनों के अंदर अपील कर सकते हैं.
गृह मंत्रालय ने कहा कि असम में एनआरसी अपडेशन की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 2013 में शुरू की गई थी. इसे भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा चलाया जा रहा है और सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसकी निगरानी की जा रही है.
एनआरसी आवेदन फॉर्म प्राप्त करने की प्रक्रिया मई 2015 के अंत में शुरू होकर 31 अगस्त, 2015 को समाप्त हुई. इस दौरान 68,37,660 आवेदनों के माध्यम से कुल 3,30,27,661 सदस्यों ने आवेदन किया.
असम में एनआरसी सूची अपडेट करने की प्रक्रिया देश के बाकी हिस्सों से अलग है. यह नियम-4ए एवं नागरिकता (नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करना) नियम-2003 की अनुसूची से निर्धारित किया गया है.