असम में बाढ़ का कहर जारी है. राज्य में बाढ़ से अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ में जान गंवा चुके लोगों के परिवार को दो लाख रुपये आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल से राज्य में बाढ़ की स्थिति पर बात की और केंद्र से तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया.
बता दें कि असम के 33 में से 22 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, जिससे 16 लाख से अधिक लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. वहीं, राज्य में अब तक 34 की मौत हो गई है. बाढ़ के कारण राज्य को काफी नुकसान हुआ है. प्रधानमंत्री ने केंद्र की ओर से हर प्रकार की सहायता का आश्वासन दिया. वहीं, असम के मुख्यमंत्री सोनोवाल ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा किया. साथ ही कहा कि पीएम मोदी ने बाढ़ और कोविड-19 की स्थिति के बारे में जानकारी ली और सहायता का आश्वासन दिया.
Thank you PM @narendramodi ji for this kind gesture, your concern and support to the people of Assam in these trying times. The way you stand with the people of North East on every occasion makes them feel that you are one amongst them. https://t.co/nIbN0kcPcI
— Sarbananda Sonowal (@sarbanandsonwal) July 3, 2020
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बाढ़ से 16 लाख लोग प्रभावित
असम के 22 जिलों में 16 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित जिलों में धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ, दर्रांग, नलबाड़ी, बारपेटा शामिल हैं. इसके अलावा असम में चिरांग, बोंगाईगांव, कोकराझार, धुबरी, दक्षिण सालमारा, गोवालपारा, कामरूप, कामरूप (मेट्रो), मोरीगांव, नगांव, गोलाघाट, जोरहट, शिवसागर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया और पश्चिमी कर्बी आंगलोंग जिले बाढ़ की चपेट में हैं. मौसम विज्ञान विभाग ने अभी अगले चार दिनों में असम में तेज बारिश की संभावना जताई है.
गृहमंत्री अमित शाह ने तैयारियों का लिया जायजा
देश में हर साल आने वाली बाढ़ से कई हिस्सों में होने वाली तबाही को देखते हुए अब गृह मंत्रालय इसका स्थाई समाधान ढूंढने की कोशिशों में जुटा है. गृहमंत्री अमित शाह ने इसके लिए दूसरे मंत्रालयों के अफसरों को मिलकर काम करने का निर्देश दिया है. अमित शाह का मास्टर प्लान सफल रहा तो फिर देश में बाढ़ से हर साल होने वाले जान-माल के भारी नुकसान को रोकने में मदद मिलेगी.
इस सिलसिले में गृह मंत्रालय में शुक्रवार को एक हाई लेवल मीटिंग के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने मॉनसून और देश भर की बाढ़ संभावित नदियों की स्थिति के बारे में जानकारी ली. गृह मंत्रालय के अफसरों के मुताबिक, बैठक में गृहमंत्री ने जो फैसले लिए हैं, उससे बाढ़ के प्रकोप से फसलों, संपत्ति, आजीविका के साथ जिंदगियां बचाने में मदद मिलेगी. इससे लाखों परिवारों को राहत मिलेगी.