मुंबई हमलों के दौरान शहीद हुए एटीएस चीफ हेमंत करकरे को लेकर दिए गए केंद्रीय मंत्री अंतुले के बयान को लेकर राजनीतिक हचचल तेज हो गई है. अंतुले ने इस मामले में प्रधानमंत्री को लिखित सफाई दे दी है.
महाराष्ट्र के पूर्व एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे की मौत पर सवाल उठाने के लिए विपक्ष के निशाने पर आए केंद्रीय मंत्री ए. आर. अंतुले ने कहा है कि वह इस बारे में कोई सफाई नहीं देंगे और न ही किसी के प्रति उनकी जवाबदेही है. अंतुले ने यह भी कहा कि इस मामले में वह सोनिया गांधी से नहीं मिले हैं और न ही किसी को लिखित सफाई दी है.
इससे पहले लोकसभा में भाजपा और शिवसेना के सदस्यों ने हंगामा किया और अंतुले को बर्खास्त करने की मांग की. भाजपा के संतोष गंगवार ने शून्यकाल शुरू होते ही अंतुले के कथित बयान का मामला उठाया जिसका पार्टी और शिवसेना सदस्यों ने समर्थन किया.
अंतुले भी उस समय सदन में मौजूद थे लेकिन अपने बचाव में वह कुछ नहीं बोले. गंगवार ने अंतुले के बयान को आपत्तिजनक बताते हुये कहा कि एक ओर जहां लोकसभा में आतंकवाद से लड़ने के लिये कठोर कानून बनाने पर चर्चा हो रही थी.
वहीं दूसरी और अंतुले ने करकरे और उनके सहयोगियों के आतंकवादी हमले में मारे जाने पर सवाल खड़े किए जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है.