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लोकपाल पर अन्ना ने चिट्ठी लिख कर थपथपाई राहुल की पीठ, जबाव आया- थैंक्यू

अन्ना हजारे ने राहुल गांधी को एक चिट्ठी लिखकर लोकपाल बिल को लेकर उनकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा की है. उन्होंने इस पत्र में राहुल गांधी से यह आग्रह भी किया है कि वो सेलेक्ट कमिटी द्वारा सुझाए गए सभी बिंदुओं को लोकपाल बिल में शामिल करें.

राहुल गांधी और अन्ना हजारे ने लिखा एक दूसरे को पत्र राहुल गांधी और अन्ना हजारे ने लिखा एक दूसरे को पत्र

अन्ना हजारे ने राहुल गांधी को एक चिट्ठी लिखकर लोकपाल बिल को लेकर उनकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा की है. उन्होंने इस पत्र में राहुल गांधी से यह आग्रह भी किया है कि वो सेलेक्ट कमिटी द्वारा सुझाए गए सभी बिंदुओं को लोकपाल बिल में शामिल करें. उन्होंने पत्र में राहुल को लिखा है कि जनता जनलोकपाल की प्रतीक्षा कर रही है.


अन्ना हजारे ने इस चिट्ठी की एक-एक प्रतिलिपि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कार्मिक मंत्री वी नारायण सामी और सेलेक्ट कमिटी के अध्यक्ष को भी भेजा है.

इस पत्र के जवाब में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अन्ना को एक धन्यवाद पत्र लिखा. राहुल ने इस पत्र में अन्ना को लिखा है कि उनके लेटर से बहुत प्रोत्साहन मिला. राहुल ने इस पत्र के जरिए अन्ना द्वारा लोकपाल की दिशा में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए मजबूत लोकपाल बिल पास कराने की अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया.

बिल पास हुआ तो अनशन तोड़ेंगे अन्ना
इससे पहले केंद्र सरकार द्वारा राज्यसभा में प्रस्तावित लोकपाल बिल को अन्ना हजारे ने स्वीकार करते हुए कहा था कि इस विधेयक के पास हो जाने पर वो अपना अनशन तोड़ देंगे. हजारे ने कहा था, ‘मैं इसे पूरी तरह स्वीकार करता हूं. यदि यह विधेयक पारित हो जाता है तो मैं अपना अनशन समाप्त कर दूंगा. इस विधेयक से देश के गरीबों को फायदा होगा.’ हजारे ने समाजवादी पार्टी से भी इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की है. उन्होंने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि सभी दल इसका समर्थन करेंगे और यह पारित होगा.’

लोकपाल पर अन्ना और केजरीवाल भिड़े
हजारे ने राज्यसभा में पेश संशोधित लोकपाल विधेयक की प्रशंसा की है. वहीं केजरीवाल ने इसे खारिज करते हुए विधेयक को जोकपाल करार दिया है. केजरीवाल ने कहा कि इस लोकपाल से एक चूहे तक को जेल नहीं भेजा जा सकता. इसपर अन्ना हजारे ने उनकी आलोचना करते हुए कहा, ‘आप चूहे की बात कर रहे हैं, मैं समझता हूं कि विधेयक में शेर तक को पकड़ने के प्रावधान हैं.

सरकार लोकपाल लाने को प्रतिबद्ध
उधर केंद्र ने लोकपाल विधेयक पारित कराने को लेकर कहा है कि सरकार इसके लिए संसद के शीतकालीन सत्र की अवधि बढ़ाने के लिए भी तैयार है. राज्यसभा में सोमवार को इस विधेयक पर चर्चा होनी थी, लेकिन केंद्रीय मंत्री शीशराम ओला के निधन के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित हो गयी.

इस बीच संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने कहा, ‘लोकपाल विधेयक सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है. यह देश के लिए ऐतिहासिक विधेयक है. देश को इसकी जरूरत है. हम चाहते हैं कि इसी सत्र में संसद के दोनों सदन इस विधेयक को पारित करें.’

कमलनाथ की यह टिप्पणी कांग्रेस कोर समूह की बैठक के बाद आयी. बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी शिरकत की. उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो संसद का मौजूदा सत्र बढ़ाया जाएगा. यदि जरूरत पड़ी तो हम सदन में देर तक बैठने को तैयार हैं.

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