दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के सेना के सर्जिकल ऑपरेशन पर दिए बयान के बाद विवाद बढ़ता जा रहा है. विपक्ष के साथ-साथ अन्ना हजारे ने भी केजरीवाल के बयान की कड़ी निंदा की है. वहीं राजस्थान के बीकानेर में केजरीवाल पर स्याही फेंकी गई.
स्याही फेंकने वाले को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. उसकी पहचान दिनेश ओझा के रूप में हुई है. वह एबीवीपी का नेता है. इससे पहले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने केजरीवाल को काले झंडे भी दिखाए. बीकानेर के नोखा में काले झंडे दिखाने के आरोपी बजरंग दल के नेता बजरंग पालीवाल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
वहीं केजरीवाल के बयान की निंदा करते हुए ने कहा कि सेना पर शक नहीं किया जा सकता है. उन्होंने केजरीवाल को इस तरह के बयान देने से बचने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि देश के बच्चे-बच्चे तक को सेना पर गर्व और भरोसा है.
वहीं इंक फेंके जाने के बाद सीएम केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा,'मुझ पर इंक फेंकने वालों का भगवान भला करे.'
Hmmm... God bless those who threw ink at me. I wish them well.
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
जबकि बीजेपी ने केजरीवाल पर पलटवार करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता हर जगह राजनीति करने में लगे जाते हैं. बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 'क्या सेना की कार्रवाई पर भरोसा करते हैं, अगर हां तो वे पाकिस्तान के झूठे प्रोपेगेंडा पर भरोसा क्यों कर रहे हैं?'
रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'केजरीवाल जी ने के सबूत की बात कर सेना की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं. संकट के समय देश एक स्वर में बोलता है. राजनीति अपनी जगह है. पाकिस्तान की बात पर एक सीएम सबूत मांग रहे हैं. आज केजरीवाल पाकिस्तान के अखबार की हेडलाइन हैं. उनकी बात से पाकिस्तान को भारत पर सवाल उठाने का मौका मिल रहा है.'
कांग्रेस ने भी केजरीवाल के बयान को राजनीति से प्रेरित बताया है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सबूत सार्वजनिक नहीं किए जा सकते. उन्होंने कहा कि जवानों की शहादत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. जबकि उन्होंने कांग्रेस नेता संजय निरुपम के बयान से खुद को किनारा कर लिया और कहा कि ये उनका निजी विचार हो सकता है.