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खुला खतः मुजफ्फरनगर में मातम के बीच सैफई में ठुमके लगाए, तुम्हारी पॉलिटिक्स क्या है सलमान खान?

मुलायम की सभा में नाचने वाले फिल्मी दुनिया के हे असभ्य नायक सलमान खान, मुझे आपसे कुछ कहना है.

सैफई में यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ सलमान खान सैफई में यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ सलमान खान

मुलायम की सभा में नाचने वाले फिल्मी दुनिया के हे असभ्य नायक सलमान खान, मुझे आपसे कुछ कहना है.

90 के दशक में हमने आप में एक ऐसा युवक देखा था जो एक हाथ से पुशअप मार सकता था. हमारे लिए यह क्षणिक रोमांच का एक मौका भर था. फिर आपकी बॉडी दिखनी शुरू हुई तो स्टाइल के शौकीन लड़के फैन हो गए. आप एक्टिंग नहीं कर सकते, इस तथ्य को हमने इग्नोर किया.

लेकिन नजरों से उस वक्त आप उतर गए जब सड़क पर सो रहा एक गरीब आपकी गाड़ी और गुरूर की बेलगाम रफ्तार की भेंट चढ़ गया. तिस पर आपको बचाने की कोशिशें जिस शिद्दत से हुईं, तो लगा कि आप भी उन्हीं में से हैं जो किसी 'जुगाड़' के सहारे अपनी हर गलती से उबरना चाहते हैं.

आप हिंदी फिल्मों के 'प्रेम' थे. पर उस वक्त आपका प्रेम किधर गया था, जब सूरज बड़जात्या की 'सुसंस्कारित' फिल्म की शूटिंग के दौरान आपने एक मासूम जानवर का शिकार कर डाला.

ऐश्वर्या से आपका नाम जुड़ा तो लगा कि फरिश्ते अभी आपकी किस्मत पर मुस्कुरा रहे हैं. एशिया का सबसे आकर्षक पुरुष और सलोने चितवन वाली हसीन नायिका एक-दूसरे के करीब आ रहे थे. हमें लगा कि रिश्तों की पाकीजगी शायद आपके भीतर वो संजीदगी भी ले आएगी. फिर खबर आई कि आपने ऐश्वर्या से मारपीट की है. ऐश्वर्या के माता-पिता ने आपके खिलाफ शिकायत की. हम सच नहीं जानते. फिल्मी दुनिया में यूं भी सच और अफवाह के बीच फर्क करना मुश्किल होता है. पर हमें बुरा लगा. बहुत बुरा.

कटरीना के साथ तुम्हारा नाम काफी वक्त तक जुड़ा रहा. इस बीच कुछ हद तक मैच्योरिटी भी दिखाई आपने. हमने फिर से अपने भोले दिल को समझाया कि कुछ भी हो, बंदा लाइन पर आ रहा है. आपने 'बीइंग ह्यूमन' नाम से एक चैरिटेबल संस्था खोली. कई लोगों को आसरा मिला. हालांकि बाजार ने भी इस जुमले को हाथों-हाथ लिया. लड़कों की टी-शर्ट पर सदी के बिगड़ैल नायक सलमान खान की संस्था का नाम छपने लगा. हमें लगा कि चलो आखिरकार चीजें ठीक दिशा में जा रही हैं. वक्त सबसे बड़ा शिक्षक है. सिखा ही देता है.

आपने बैक टु बैक हिट फिल्में दीं. लगा कि हमारे बॉलीवुड में एक सितारा तो ऐसा है जो सिर्फ अपनी आभा के दम पर फिल्मों के रोमांच को बनाए रख सकता है. आपने जब कहा कि अरविंद केजरीवाल को खुद को साबित करना चाहिए, तो हमने यकीन किया कि आप यह बात अपनी उस आगामी फिल्म की मार्केटिंग के लिए नहीं कह रहे, जिसमें आप एक 'आम आदमी' बने हैं. लेकिन आपने हमें मूर्ख और भोला साबित करने में महज 48 घंटे खर्च किए. अगले ही पल यूपी की असंवदेनशील सरकार के दरबार में आप अपने तीन करोड़ी ठुमकों का भौंडा प्रदर्शन कर रहे थे. माफ कीजिएगा, पर आपके ये ठुमके मुझे किसी अश्लील आइटम सॉन्ग से भी ज्यादा अश्लील लगे हैं.

सलमान खान, जिंदगी में अंकगणित तो आपने बहुत सीख लिया. 100-100 करोड़ की फिल्मों के नायक हैं आप. लेकिन एक अंक मुजफ्फरनगर के कैंपों में मरने वाले मासूम बच्चों का भी है. 36 बच्चे मर गए थे जनाब. और आप जिनके बुलावे और इशारे पर नाच रहे थे, उसकी सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का एक बयान याद रखना, कि ठंड से कोई नहीं मरता. आदमी मरता है तो गरीबी से, भूख से और ठंड से बचने के मालो-असबाब न होने से.

जिनके दरबार में आप 'पांडे जी सीटी' पर नाच रहे थे, उनके मंत्री और विधायक दंगा पीड़ित परिवारों की सुध लेने में कितने लापरवाह हैं, इसका अंदाजा भी है आपको? आप लोग अखबार-वखबार पढ़ते भी हैं या नहीं? आपकी समझ, संवेदनशीलता चंद करोड़ में बिकाऊ क्यों है? मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों के लिए कंसर्ट की बात कहकर आपने एक स्टैंड लिया था. फिर मातम के बीच सैफई में नाचते हुए आपको शर्म क्यों नहीं आई? अब भोलेपन के साथ ये कुतर्क मत देना कि कलाकारों की कोई राजनीतिक समझ नहीं होती. हम मूर्ख हैं क्या? हम किस मुंह से आपको हीरो मानें?

तुम्हारी दबंगई सरकार के दरबारों में चंद करोड़ रुपयों के लिए घुल क्यों जाती है, मैं नहीं समझ पा रहा हूं. आज मुझे पूछने दो, तुम्हारी पॉलिटिक्स क्या है सलमान खान?

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