जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन को 6 महीने बढ़ाने के लिए शुक्रवार को लोकसभा में चर्चा हुई. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा पर जवाब देते हुए कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा. इसी दौरान जब अमित शाह पंचायत चुनाव पर बोल रहे थे, तो बगल में बैठे राजनाथ सिंह ने याद दिलाया कि ये राजीव गांधी का ही सपना था. इसके तुरंत बाद ही शाह ने अपने भाषण में भी ये कहा और कांग्रेस पर तंज कसा.
दरअसल, अमित शाह कश्मीर पर चर्चा के दौरान जवाब दे रहे थे. इसी दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने कभी कश्मीर के लोगों को अपना पंचायत प्रमुख चुनने नहीं दिया, इनके राज में सिर्फ 3 परिवारों का ही राज चला. अमित शाह ने कहा कि आज घाटी में 40 हजार सरपंच अपना काम कर रहे हैं, मोदी सरकार ने आम लोगों को अधिकार दिया है.
केंद्रीय गृह मंत्री जब ये बोल रहे थे, तभी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके कान में कहा कि ये राजीव गांधी का सपना था. फिर क्या अमित शाह ने भी तुरंत इसका तंज कांग्रेस पर कस दिया.
जम्मू-कश्मीर में इंसानियत, जम्हूरियत, कश्मीरियत की नीति अब भी चल रही है। इंसानियत महिलाओं को शौचालय, धुएं से मुक्ति की सुविधा 70 साल के बाद देने में हैः अमित शाह, गृह मंत्री
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उन्होंने कहा कि पंचायत का चुनाव तो राजीव गांधी का ही सपना था, वह खुद ही इसी सदन में इसको प्रस्ताव भी लाए थे. लेकिन उनका ये सपना जम्मू-कश्मीर तक नहीं पहुंच पाया, अब हमारी सरकार घाटी के आम लोगों के लिए लोकतंत्र के दरवाजे खोल रही है.
आपको बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ही देश में पंचायती राज को मजबूत करने का काम किया था. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पंचायती राज के मसौदे को तैयार करवाया था. हालांकि, 1991 में उनकी हत्या हो गई थी. लेकिन 1992 में 73वें और 74वें संविधान संशोधन के जरिए पंचायतीराज व्यवस्था का उदय हुआ
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