अजमेर की एक अदालत ने राजस्थान आतंकवाद निरोधक दस्ते को अजमेर दरगाह विस्फोट मामले के संदिग्ध देवेन्द्र गुप्ता की आज नार्को जांच करने की इजाजत दे दी.
आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अजमेर खगेन्द्र शर्मा ने एटीएस को यह जांच करने की इजाजत दी.
एटीएस ने शनिवार को इस संबंध में एक अर्जी दी थी. एटीएस की एक टीम नार्को परीक्षण के लिये गुप्ता को अगले महीने हैदराबाद ले जाएगी. यह माना जाता है कि गुप्ता के तार हिंदू संगठन ‘अभिनव भारत संगठन’ से जुड़े हुए हैं.
उसे पिछले हफ्ते यहां उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब वह अपनी बीमार मां से मिलने के लिये आया था. वह ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में हुए विस्फोट में संलिप्त रहने का संदिग्ध है.
गुप्ता के साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर से कथित तौर पर तार जुड़े होने की भी अधिकारी जांच कर रहे हैं. गौरतलब है कि साध्वी मालेगांव विस्फोट मामले में एक अहम आरोपी है.
एटीएस ने इस मामले में मध्य प्रदेश से एक अन्य संदिग्ध चंद्रशेखर को भी गिरफ्तार किया है. इन दोनों से पुलिस हिरासत में पूछताछ की जा रही है और इन्हें 12 मई को अदालत में पेश किया जाएगा.
गौरतलब है कि वर्ष 2007 में अजमेर दरगाह में हुए विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई थी और 15 अन्य लोग घायल हो गये थे.