मुंबई की विशेष टाडा अदालत में कसाब, अपने उस बयान से पलट गया जो उसने गिरफ़्तारी के बाद दिया था. कसाब ने कहा कि उसने मैजिस्ट्रेट के सामने जो कहा था वो दबाव में दिया गया बयान था. कसाब के वकील ने अर्ज़ी दी थी कि उनका मुवक्किल नाबालिग है लिहाज़ा उसका केस बच्चों की अदालत में चलाया जाए.
शुक्रवार सुबह कसाब के वकील अब्बास काज़मी ने अदालत के सामने अर्ज़ी रखी तो सब चौंक पड़े. वकील ने कहा कि उन्हें ख़ुद कसाब ने बताया है कि वो नाबालिग है. जज ने पूछा कि क्या कसाब को उसके जन्म की तारीख़ याद है तो वकील ने कहा कि कसाब ज़ाहिल-गंवार है लेकिन उसे इतना मालूम है कि वो 17 साल से कम का है.
लेकिन सरकारी वकील की दलीलों के सामने कसाब के वकील की दलीलें हवा हो गईं. सरकारी वकील ने कहा कि गिरफ़्तारी के वक़्त कसाब ने मैजिस्ट्रेट के सामने अपनी पैदाइश 13 सितंबर 1985 बताई है, आर्थर रोड जेल के एंट्री रजिस्टर में भी कसाब ने यही तारीख़ लिखी है. जिससे पता चलता है कि वो 21 साल से ज़्यादा का है.
बहस के बाद, जज ने कहा कि कसाब के वकील ने कोई ऐसा दस्तावेज़ी सूबत नहीं दिए जिससे उनका मुवक्किल नाबालिग साबित हो. ख़ुद जज ने कसाब को खड़ा करके देखा और कहा कि कि उन्हें कहीं से नहीं लगता कि जो शख्स मेरे सामने खड़ा है वो नाबालिग है.