संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर की फर्जी तस्वीर पेश कर पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी फजीहत करा चुका है लेकिन अतीत से सबक ना सीखते हुए पाकिस्तान ने एक बार फिर से वही गलती दोहराई है.
पाक की विरासत में अफगानिस्तान की मस्जिद!
पाकिस्तान सरकार ने अब अपने देश की विरासत और संस्कृति को पेश करने के लिए का इस्तेमाल किया है. इस्लामाबाद ने अपनी विरासत को प्रचारित करने के लिए एक विडियो ट्वीट किया जिसे यूएन में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा रोधी ने भी रिट्वीट किया. इस विडियो में एक अफगानी मस्जिद की तस्वीर दिखाई गई है.

इस विडियो में पाकिस्तान के कई ऐतिहासिक स्थल और विरासत की झलकियां तो दिखाई गई हैं लेकिन इसमें हजरत अली श्राइन की भी तस्वीर शामिल की गई है जोकि अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ में स्थित है.
Between 0:21 and 0:24 the Shrine of Ali in Mazar is claimed as a Sufi shrine in Pakistan. 2/2
— BILAL SARWARY (@bsarwary)
यूएन में कश्मीर की दिखाई थी गलत तस्वीर
मलीहा लोधी ने भारत पर जम्मू एवं कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाते हुए पैलेट गन की शिकार एक लड़की की तस्वीर दिखाई थी लेकिन मलीहा ने UN के सामने जो तस्वीर पेश की वास्तव में वह भारत की थी ही नहीं. दरअसल यह तस्वीर गाजा पट्टी की रहने वाली 17 वर्षीय राव्या अबू जोमा की थी जो गाजा सिटी के एक अस्पताल में उपचार के दौरान ली गई थी. वह पिछले वर्ष गर्मियों में इजरायल द्वारा की गई बमबारी के दौरान घायल हो गई थीं.