असम में बीजेपी के उगते सूरज के बीच एक नायाब कमल खिला है. ये हैं राज्य में बीजेपी के लिए चुनाव जीतने वालों में एक युवा महिला अंगूरलता डेका. अंगूरलता एक अभिनेत्री और थियेटर आर्टिस्ट रही हैं. सूबे में अंगूरलता की अच्छी खासी लोकप्रियता है. अंगूरलता को उम्मीद है कि वो अपने इलाके और असम की बेहतरी के लिए कुछ कर पाएंगीं.
अंगूरलता डेका बताद्रवा विधानसभा सीट से चुनाव जीत कर आई हैं. वैसे तो सियासत की दुनिया में अंगूरलता से पहचान धीरे-धीरे होगी. फिलहाल परिचयके लिए इतना काफी है कि फिल्मों और थिय़ेटर की दुनिया में अपनी छाप छोड़ने के बाद राजनीति में आई हैं. अंगूरलता अपनी जीत का श्रेय जनता को दे रही हैं.
सर्बानंद से पुरानी जान पहचान
यूं तो सर्बानंद सोनोवाल से अंगूरलता की जान पहचान पुरानी है लेकिन राजनीति में आने का फैसला बहुत पुराना नहीं है. मोदी के उदय के बाद अंगूरलता और उनके पति आकाशदीप दोनों बीजेपी समर्थक बने और इन्होंने राजनीति की राह पकड़ी. लोकप्रियता तो इनके पल्लू में पहले से बंधी थी. बदलाव की लहर में मुश्किल सीट से भी जीत कर आ गई हैं. ये उस जीत के जश्न का वक्त है.
असम के लिए कुछ करने का जज्बा
अंगूरलता असम के लिए कुछ करना चाहती हैं. जनता उन्हें जानती तो पहले से है, लेकिन उस पहचान की शक्ल बदलने का वक्त आया है.
राजनीति में एंट्री के पीछे पति का हाथ
अंगूरलता राजनीति में कामयाबी की ऊंचाई चढ़ रही हैं, तो इसके पीछे उनके पति आकाशदीप का हाथ है. वो अंगूरलता को खुल कर समर्थन देते हैं और ये उन्हें एहसास कराने की कोशिश करती हैं कि जितना बन सके उतना घर के लिए भी समय देंगी. अभिनेता से नेता बनना मुश्किल नहीं होता लेकिन बदली हुई भूमिका को निभाना जरूर मुश्किल होता है. वैसे भी दिक्कतें तब और बढ़ जाती हैं जब जनता दोहरी उम्मीदों से उन्हें देखती हैं.. अंगूरलता के सामने कुछ ऐसी ही चुनौती है.