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याकूब मेमन के लिए नमाज पढ़ता था रोहित वेमुला: ABVP नेता

एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में एबीवीपी के छात्र नेता सुशील कुमार ने कहा, 'रोहित वेमुला और उसके साथी स्टूडेंट्स मुंबई धमाकों के आरोपी याकूब मेमन के लिए नमाज पढ़ते थे.'

एबीवीपी नेता सुशील कुमार एबीवीपी नेता सुशील कुमार

छात्र रोहित वेमुला की खुदकुशी मामले में हैदराबाद पुलिस ने एबीवीपी के नेता सुशील कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया है. बीते साल अगस्त महीने में सुशील ने वेमुला और उनके चार दोस्तों के खिलाफ पुलिस में शिकायत की भी थी, वहीं सुशील ने यह कहकर मामले को नया मोड़ दे दिया है कि रोहित और उसके दोस्त याकूब मेमन के लिए नमाज पढ़ रहे थे.

एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में एबीवीपी के छात्र नेता सुशील कुमार ने कहा, 'रोहित वेमुला और उसके साथी स्टूडेंट्स मुंबई धमाकों के आरोपी याकूब मेमन के लिए नमाज पढ़ते थे.' सुशील ने कहा कि सुसाइड करने वाले रोहित और चार अन्‍य के खिलाफ उन्होंने पिछले साल पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी. रोहित की मौत के बाद सुशील की इस शिकायत को विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों द्वारा कई बार सामने लाया गया है.

ऐसा भी कहा जा रहा है कि इस शिकायत की वजह से ही रोहित ने खुदकुशी करने का फैसला लिया. कुछ लोगों का यह भी कहना है कि केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय का यूनिवर्सिटी पर दबाव बनाया जाना भी कहीं न कहीं वेमुला की मौत का कारण है.

'हर घर में याकूब होगा'
इंटरव्यू के दौरान सुशील ने इस मामले में अपने ऊपर लग रहे आरोपों को नकारा है. उन्होंने बताया, 'अगस्त में याकूब मेमन की फांसी के खिलाफ अंबेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने विरोध-प्रदर्शन किया था और रोहित वेमुला और उसके दोस्त याकूब मेमन के लिए नमाज़ पढ़ रहे थे. फांसी के खिलाफ अपनी बात रखना गलत नहीं है, इस तरह की बहस होना भी ठीक है लेकिन उनका 'हर घर में याकूब होगा' जैसे नारे लगाना काफी विचलित कर देने वाली बात थी.'

'जांच हो क्यों की रोहित ने खुदकुशी'
रोहित के बारे में अपनी राय रखते हुए सुशील ने कहा 'रोहित ऐसा लड़का नहीं था जो इतनी आसानी से खुदकुशी का रास्ता अपना ले. हम सब नहीं समझ पा रहे हैं कि वह किस बात से अवसाद में चला गया. हमें भी इस सवाल का जवाब चाहिए और इसके लिए कड़ी जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए.'

फेसबुक पर लिखा था 'गुंडे'
गौरतलब है कि सुशील कुमार ने फेसबुक पर रोहित और उसके दोस्तों को 'गुंडे' कहकर संबोधित किया था, जिसके बाद वह अपने दोस्तों के साथ एबीवीपी के इस नेता से मिलने पहुंचा था. सुशील ने बताया कि इसी दौरान उन पर हमला किया गया, जिसके बाद वह अस्पताल में भर्ती हो गए. हालांकि, मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक वह दो दिन बाद अस्पताल में भर्ती हुए थे, जब उनका एपेंडिक्स का ऑपरेशन हुआ था. लेकिन सुशील की मानें तो वह उसी रात अस्पताल पहुंच गए थे.

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