अगस्ता वेस्टलैंड डील में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले क्रिश्चियन मिशेल का पहला इंटरव्यू बुधवार को 'आज तक' में प्रसारित होने के बाद जांच एजेंसियों की कार्रवाई में तेजी आ रही है. सीबीआई ने भी जांच में मिशेल को शामिल करने की जरूरत बताई है.
Middleman Christian Michel should join CBI investigation in India, says CBI.
— ANI (@ANI_news)
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दुबई में मौजूद क्रिश्चियन मिशेल ने 'आज तक' से खास बातचीत में इस बात से इनकार किया था कि उसकी मुलाकात कभी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी या पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी से हुई है. हालांकि मिशेल ने इस बात की ओर इशारा किया था कि डील हासिल करने के लिए रिश्वत दी गई थी.
सीबीआई से अनुमति मिलने का इंतजार
कर रही एजेंसियों ने अब मिशेल को भी जांच में शामिल करने की जरूरत पर जोर दिया है. ईडी ने इसके लिए बाकायदा एक टीम अबू धाबी भेजने की भी योजना बनाई है. ईडी को फिलहाल सीबीआई से अनुमति मिलने का इंतजार है.
मिशेल को डिपोर्ट करने की तैयारी!
भारतीय जांच एजेंसियों का मानना है कि मिशेल इस केस की जांच में शामिल नहीं होना चाहता, ऐसे में उसे डिपोर्ट करने का ही विकल्प उनके पास है, ताकि घोटाले को लेकर पूछताछ की जा सके. हालांकि मिशेल मे इंटरव्यू के दौरान कहा था कि अगस्ता वेस्टलैंड डील के लिए टेंडर जारी होने के बाद वह कंपनी से जुड़ा था.उसने कहा, 'साल 2007 से लेकर अब तक इस डील में क्या हुआ मुझे सिर्फ इसी की जानकारी है.'