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फिलीपींस को पसंद आया भारत का आधार सिस्टम, कर रहा स्टडी की तैयारी

फिलीपींस ने भारत के आधार सिस्टम में दिलचस्पी दिखाई है. सूत्रों की मानें, तो फिलीपींस इस सिस्टम को समझने की कोशिश कर रहा है.

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संकेतात्मक फोटो
संकेतात्मक फोटो

देश में आधार कार्ड को लेकर कई तरह की परेशानियां, शिकायतें और राजनीति हो रही है. पिछले दिनों आधार कार्ड की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए गए हैं, मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच चुका है. लेकिन इस सभी से इतर फिलीपींस ने भारत के आधार सिस्टम में दिलचस्पी दिखाई है. सूत्रों की मानें, तो फिलीपींस इस सिस्टम को समझने की कोशिश कर रहा है.

आपको बता दें कि फिलीपींस के राष्ट्राध्यक्ष गणतंत्र दिवस में हिस्सा लेने आए हैं. गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आसियान ग्रुप के कुल 10 देशों के राष्ट्र प्रमुख नई दिल्ली आए हैं. सभी राष्ट्र प्रमुखों ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. राष्ट्रपति भवन में सभी का आधिकारिक स्वागत भी किया गया है.

गौरतलब है कि आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार पर सख्त रुख अपनाया था.

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लीक की आई थी खबर

दरअसल बीते महीने एक ऐसी रिपोर्ट छापी गई थी, जिसमें कहा गया था कि महज 500 रुपये देकर मात्र 10 मिनट में करोड़ों आधार कार्ड की जानकारी हासिल करना संभव हो रहा है. अंग्रेजी अखबार द ट्रिब्यून ने एक तहकीकात की, जिसमें इस तरह की बातों का खुलासा हुआ है. ट्रिब्यून के अनुसार, उन्होंने एक व्हाट्सएप ग्रुप से मात्र 500 रुपये में ये सर्विस खरीदी और करीब 100 करोड़ आधार कार्ड का एक्सेस मिल गया.

एजेंट से मिली थी करोड़ों की आधार डिटेल

दरअसल, उनकी तहकीकात में उन्हें एक एजेंट के बारे में पता लगा. जिसके बाद एजेंट ने मात्र 10 मिनट में एक गेटवे दिया और लॉग-इन पासवर्ड दिया. उसके बाद उन्हें सिर्फ आधार कार्ड का नंबर डालना था और किसी भी व्यक्ति के बारे निजी जानकारी आसानी से मिल गई. इसके बाद 300 रुपये अधिक देने पर उन्हें उस आधार कार्ड की जानकारी को प्रिंट करवाने का भी एक्सेस मिल गया. इसके लिए अलग से एक सॉफ्टवेयर था.

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद आधार डाटा की सुरक्षा को लेकर बहस ही छिड़ गई. यूआईडीएआई ने भी इस बहस के बीच आधार को और सुरक्ष‍ित करने के लिए वर्चुअल आईडी और फेस रिकगनिशन की सुविधा भी ला दी है.

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प्राइवेट पार्टी के मुद्दे पर भी सुप्रीम कोर्ट ने घेरा

आधार की संवैधानिक वैधानिकता को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं से गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था कि सरकार के साथ अपना एड्रेस प्रूफ शेयर करने में उन्हें क्या परेशानी है, जबकि उन्हें प्राइवेट पार्टियों के साथ जानकारी शेयर करने में कोई परेशानी नहीं है.

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