राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश में संवेदनशील पारदर्शी एवं जवाबदेह सुशासन देने के लिये जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों सभी को मिलकर कार्य करना होगा.
गहलोत हरिश्चन्द्र माथुर राज्य लोक प्रशासन संस्थान के सभागार में राजस्थान राज्य सेवाओं के आधारभूत प्रशिक्षण पाठ्क्रम 2011 के द्वितीय बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन के लिये संवेदनशील होना जरुरी है. व्यक्ति के समर्पण, प्रतिबद्धता से ही सुशासन का मार्ग प्रशस्त होता है. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी को संवेदनशीलता के साथ उनके पास आने वाले हर व्यक्ति की बात को सुनना चाहिये. उन्होंने आह्वान किया कि जीवन को सादगी, ईमानदारी के साथ जियें और अपनी साख बनाये रखें.
गहलोत ने प्रशिक्षु प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि व्यक्ति के विचारों, व्यक्तित्व एवं संस्कारों पर ही जीवन की कामयाबी निर्भर करती है. उन्होंने कहा कि आमजन में जब अधिकारी की कर्तव्य निष्ठा, ईमानदारी और मेहनत का संदेश जाता है उसी से उनकी अधिकारी के प्रति सोच बनती है. लोगों की यही राय प्रशासनिक अधिकारी के जीवन में कामयाबी में सहयोग करती है.