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अनोखा प्यारः बीमार कुत्ते की खातिर बिहार पहुंची थाई युवती

सच कहते हैं, प्रेम की कोई सीमा नहीं होती है. इसे एक बार फिर साबित किया है थाइलैंड की युवती फाथा नीक ने, जो अपने बीमार जर्मन शेफर्ड नस्ल के कुत्ते के लिए बिहार के बोधगया पहुंच गई.

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सच कहते हैं, प्रेम की कोई सीमा नहीं होती है. इसे एक बार फिर साबित किया है थाइलैंड की युवती फाथा नीक ने, जो अपने बीमार जर्मन शेफर्ड नस्ल के कुत्ते के लिए बिहार के बोधगया पहुंच गई.

नीक अब इस कुत्ते को अपने साथ थाइलैंड ले जाना चाहती हैं. बोधगया महाबोधि मंदिर के प्रियपाल भंते ने बताया कि नीक कुछ महीने पूर्व बोधगया आई थीं. उन्होंने यहां जर्मन शेफर्ड नस्ल के एक कुत्ते को पालने के लिए अपने पास रख लिया था.

कुछ दिन यहां रहने के बाद वह थाइलैंड चली गईं. लेकिन उनके जाने के बाद ही कुत्ता बीमार पड़ गया. इलाज के बावजूद उसकी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ.

कुत्ते के बीमार होने की सूचना पाते ही नीक उसे देखने बोधगया पहुंच गईं. अब वह इसे थाइलैंड ले जाना चाहती हैं. इसके लिए कागजात बनाए जा रहे हैं. सम्भवत: नौ मई को वह कुत्ते के साथ थाइलैंड रवाना होंगी.

नीक के अनुसार, 'कुत्ते के संग बिताया गया समय एक अलग अनुभव है, जिसे बयान नहीं किया जा सकता. अभी यहां आने का कार्यक्रम नहीं था, लेकिन उसके बीमार पड़ने के कारण मुझे यहां आना पड़ा.'

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