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भाजपा की तिरंगा यात्रा के मद्देनजर घाटी में सुरक्षा कड़ी

लाल चौक पर तिरंगा फहराने के अपने कार्यक्रम को भाजपा वापस लेती नहीं दिख रही इसलिए कश्मीर घाटी में सुरक्षा बढ़ा दी गयी है तथा सरकार की तरफ से कोशिशें है कि पार्टी अपने अभियान में सफल नहीं हो.

लाल चौक पर तिरंगा फहराने के अपने कार्यक्रम को भाजपा वापस लेती नहीं दिख रही इसलिए कश्मीर घाटी में सुरक्षा बढ़ा दी गयी है तथा सरकार की तरफ से कोशिशें है कि पार्टी अपने अभियान में सफल नहीं हो.

जम्मू कश्मीर के मुख्‍यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में शनिवार को प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों की बैठक हुई. बैठक के बाद एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने घाटी में कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया.’ जिसके बाद पुलिस ने भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सोफी मोहम्मद यूसुफ को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि भाजपा नेता को सीआरपीसी की धारा 107 और 151 के तहत एहतियातन कदम के तौर पर हिरासत में लिया गया है.

यूसुफ को हिरासत में लिये जाने से पहले कल दोपहर बाद शहर में निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के मामले में पार्टी के छह कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था.

अधिकारी ने कहा, ‘वे पोस्टर चिपका रहे हैं जिससे सार्वजनिक शांति का उल्लंघन हो सकता है. उन्हें सीआरपीसी की धारा 144 का उल्लंघन करते भी देखा गया, जो चार या अधिक लोगों को एक साथ इकट्ठा होने पर पाबंदी लगाती है.’ उन्होंने कहा कि गिरफ्तार लोगों से 300 पोस्टर जब्त किये गये हैं, जो सभी घाटी के रहने वाले हैं.{mospagebreak}

इसी तरह जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के चित्र वाले पोस्टर शहर के बेमिना और टैटू इलाकों में कल दिखाई दिये थे लेकिन उन्हें वहां से हटा दिया गया. राज्य सरकार ने भाजपा कार्यकर्ताओं की श्रीनगर की ओर बढ़ने की कोशिशों को नाकाम करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों की लगभग 100 अतिरिक्त कंपनियों को तैनात करने का फैसला किया है.

पंजाब से जम्मू और कश्मीर के कठुआ जिलों में प्रवेश को सुगम बनाने वाले लखनपुर और नागरी नरोला में बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों को भेजा गया है.

उन्होंने कहा कि उधमपुर और कश्मीर घाटी के द्वार के तौर पर प्रसिद्ध जवाहर सुरंग में भी सुरक्षा बलों को तैनात किया जाएगा.

वैसे तो सुरक्षा के लिहाज से सुरंग को हर साल गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के दिन कुछ घंटों के लिए बंद किया जाता है लेकिन इस बार अधिकारी इसे 25 जनवरी को बंद करने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं, ताकि कार्यकर्ता घाटी में नहीं घुस सकें.

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