कालेधन के खिलाफ अपने अनशन के दौरान रामलीला मैदान पर पुलिस की कड़ाई कार्रवाई झेल चुके बाबा रामदेव गांधीवादी अन्ना हज़ारे के समर्थन में उतर आये. उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को मिटाने में लग जाती है.
हज़ारे पर कांग्रेस और सरकार के आरोप लगाने के बाद बाबा रामदेव ने हरिद्वार में बयान जारी कर कहा, ‘राष्ट्रहित के जनांदोलन को तानाशाही तरीके से कुचलने का सरकार का षड्यंत्र पूरी तरह से अलोकतांत्रिक, असंवैधानिक और गैर-जिम्मेदाराना है.’
उन्होंने कहा, ‘‘अन्ना हज़ारे सहित जो भी व्यक्ति कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है और आंदोलन करता है, सरकार भ्रष्टाचार मिटाने और कालाधन देश में वापस लाने के बजाय उस व्यक्ति पर ही आरोप लगाकर उसे बदनाम करने और मिटाने में लग जाती है. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है.’
गौरतलब है कि बाबा रामदेव और उनके समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में जून में हज़ारे ने हालांकि एक दिन का अनशन किया था लेकिन कहा था कि उनके और रामदेव के बीच कुछ मुद्दे हैं जिन पर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है. इसके बाद ही दोनों में कुछ असहज संबन्ध नजर आये थे. अभी भी हज़ारे और रामदेव दोनों ने एक बार भी खुलकर यह नहीं कहा कि वे 16 अगस्त से प्रस्तावित गांधीवादी कार्यकर्ता के अनशन के दौरान एकसाथ मौजूद रहेंगे.
रामलीला मैदान की घटना के बाद से बाबा रामदेव के ट्रस्ट के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय जांच कर रहा है.