scorecardresearch
 

यूपी में कम चरणों में हो सकते हैं चुनाव

मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में अगर वार्षिक परीक्षाओं के चलते मार्च के महीने में स्कूल उपलब्ध नहीं रहे, तो चुनाव समिति वहां विधानसभा चुनाव की अवधि को छोटा करने की कोशिश कर सकती है.

Advertisement
X

मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में अगर वार्षिक परीक्षाओं के चलते मार्च के महीने में स्कूल उपलब्ध नहीं रहे, तो चुनाव समिति वहां विधानसभा चुनाव की अवधि को छोटा करने की कोशिश कर सकती है.

कुरैशी ने बताया, ‘हम चुनाव की अवधि छोटा कर सकते हैं. हम इस पर विचार करेंगे. दरअसल, उन्होंने यह बात उस वक्त कही, जब उनसे पूछा गया कि चुनाव आयोग क्या उत्तर प्रदेश में जल्द चुनाव कराने की सोच रहा है या परीक्षाओं के खत्म होने का इंतजार करेगा. प्रदेश में चुनाव की प्रक्रियाओं को 13 मई तक पूरा होना है.

उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि परीक्षाओं को टालना कोई विकल्प नहीं है और इसलिए छोटी अवधि में चुनाव कराने पर विचार किया जा सकता है. चूंकि उत्तर प्रदेश एक बड़ा राज्य है इसलिए वहां कई चरणों में चुनाव होते हैं. वर्ष 2007 में पांच चरणों में चुनाव हुए थे.

चुनाव आयोग के पास मार्च से पहले या अप्रैल में चुनाव कराने का विकल्प है. सूत्रों के मुताबिक एक संभावना परीक्षाओं से पहले कुछ चरणों का और परीक्षाओं के बाद कुछ चरणों में चुनाव कराने की है.

Advertisement
Advertisement