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गुजरात में समलैंगिकों के लिए वृद्धाश्रम

गुजरात के नर्मदा जिले में समलैंगिकों के लिए वृद्धाश्रम की स्थापना की गयी है. समलैंगिकों (गे) के लिए शायद यह एशिया का पहला वृद्धाश्रम है.

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गुजरात के नर्मदा जिले में समलैंगिकों के लिए वृद्धाश्रम की स्थापना की गयी है. समलैंगिकों (गे) के लिए शायद यह एशिया का पहला वृद्धाश्रम है.

नर्मदा नदी के किनारे बसे हनमंतेश्वर में बने इस वृद्धाश्रम का उद्घाटन हुआ है. इसका नाम इस परियोजना के लिए पैसे देने वाली अमेरिकी लेखिका जेनेट पर रखा गया है.

राजकुमार मनवेन्द्र सिंह गोहिल ने बातचीत में बताया, ‘मैंने इसका नाम जेनेट के नाम पर इसलिए रखा है क्योंकि उन्होंने इसके लिए बहुत पैसे दिए हैं. वह अन्य सामान्य लोगों की तरह ही थीं, इसलिए यह और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है. इस परियोजना की शुरूआत वर्ष 2009 में हुआ.’

इस केन्द्र का उद्घाटन जेनेट की बहन कर्लाफाइन ने किया. वह अपने पति के साथ विशेष तौर पर अमेरिका से यहां आयी थीं. गोहिल राजपीपला राज्य के राजकुमार हैं. राजपरिवार के वह पहले ऐसे सदस्य हैं जिन्होंने अपने समलैंगिक (गे) होने की बात सार्वजनिक की है. उन्होंने बताया कि इस वृद्धाश्रम में 50 लोगों के रहने की व्यवस्था है.

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