केन्द्रीय जांच ब्यूरो को तगड़ा झटका देते हुए उच्चतम न्यायालय ने आस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेंस तथा उनके दो नाबालिग बेटों को जिंदा जलाने के दोषी दारा सिंह को मौत की सजा देने की अपील को खारिज कर दिया लेकिन साथ ही उड़ीसा उच्च न्यायालय द्वारा सुनायी गयी उम्र कैद की सजा को बरकरार रखा.
न्यायाधीश पी सदाशिवम तथा न्यायाधीश बी एस चौहान की पीठ ने मौत की सजा दिए जाने की सीबीआई की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि मौत की सजा केवल ‘दुर्लभतम मामलों’ में ही दी जाती है और वह भी तथ्यों तथा हर केस की स्थिति के अनुसार.
शीर्ष अदालत ने कहा कि मौजूदा मामले में दोषियों ने जिस अपराध को अंजाम दिया है, वह बेहद निंदनीय है लेकिन दुर्लभतम की श्रेणी में नहीं आता जिसके लिए मौत की सजा दी जाए.