पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने कहा कि इस्लामाबाद ने 26 नवम्बर को उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के हमले के विरोध में सोमवार को जर्मनी के बॉन शहर में अफगानिस्तान के भविष्य को लेकर होने वाले सम्मेलन में भाग न लेने का फैसला किया है.
खार ने कहा कि पाकिस्तान की सम्प्रभुता तथा अखण्डता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा. एक समाचार चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह फैसला देश की सम्प्रभुता को ध्यान में रखते हुए किया गया है.
'एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान' के अनुसार, विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ऐसे वातावरण में प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकता, जिसमें सहयोगियों द्वारा उसकी सुरक्षा तथा सम्प्रभुता की गारंटी न दी जाए. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है.
उल्लेखनीय है कि 26 नवम्बर को पाकिस्तान की दो सुरक्षा चौकियों पर नाटो के हवाई हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे. इसके बाद पाकिस्तान ने अपनी भूमि से नाटो को आवश्यक सामग्री की आपूर्ति बंद कर दी थी.