गुजरात विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज होने के साथ ही कांग्रेस की राज्य इकाई ने भरोसा जताया है कि दिसम्बर में होने वाले चुनाव में तीन कार्यकाल पुरानी नरेंद्र मोदी सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया जाएगा. कांग्रेस यहां 1995 से ही सत्ता से बाहर है.
गुजरात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल ने कहा है, ‘गुजरात के लोग मोदी सरकार से ऊब चुके हैं. मोदी गुजरात को वाइब्रेंट बताते हैं और उनके झूठ को प्रचारित करने के लिए उनके पास सुगठित तंत्र है. लेकिन गुजरात के लोग समझ गए हैं और उनके दावों की पोल खुल गई है. गुजरात के मतदाता दिसम्बर में माकूल जवाब देंगे. मोदी पराजित होंगे.’
लेकिन कांग्रेस, गूढ़ व्यक्तित्व व तीखी बयानबाजी वाले मोदी का मुकाबला कैसे करेगी और वह भी उस राज्य में जो 2002 से ही ध्रुवीकृत है?
गोहिल ने कहा, ‘हम मोदी के झूठ का खुलासा कर रहे हैं. वाइब्रेंट गुजरात एक मिथ है. मोदी का गुजरात सिर्फ पांच उद्योगपतियों के लिए वाइब्रेंट है, आम आदमी के लिए नहीं. कर्ज व गरीबी के कारण 16 से अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं. महिलाओं के खिलाफ अपराध में वृद्धि हुई है. मोदी के शासनकाल में 16,000 से अधिक बच्चे गायब हो चुके हैं. मोदी 300 से अधिक कमांडो के साथ चलते हैं, लेकिन जनता की सुरक्षा का कोई बंदोबस्त नहीं है. किसान और छोटे व मध्यम उद्यमी सभी थक गए हैं और ठगा हुआ महसूस करते हैं.’
गोहिल ने कहा, ‘हम आम आदमी की चिंता को आवाज दे रहे हैं और मोदी की पोल खोल रहे हैं. उन्होंने सिर्फ टाटा और एस्सार को लाभ पहुंचाया है. उन्होंने उस लाभ में बंटवारा किया है. गुजरात में आम आदमी के लिए कुछ नहीं है.’
गोहिल ने इस धारणा को भी खारिज कर दिया कि मोदी ने गुजरात का विकास किया है. उन्होंने कहा, ‘सुनिए, जो लोग 2001 से पहले गुजरात नहीं देखे हैं, वही इसे विकसित बता रहे हैं. गुजरात हमेशा से विकसित और प्रगतिशील रहा है.’