लंदन ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में भारतीय दल के मार्चपास्ट में घुसी रहस्यमयी महिला मधुरा नागेंद्र ने खेद जताते हुए कहा कि उससे ‘परखने में गलती’ हो गई.
मधुरा ने कहा कि मुझसे परखने में गलती हो गई, मेरी हरकत से कइयों को निराशा हुई है, मुझे इसका खेद है.उसने स्पष्ट किया कि उसने सुरक्षा घेरा नहीं तोड़ा क्योंकि वह अनुमति से स्टेडियम के भीतर गई थी.
लाल कमीज और नीली पतलून पहने मधुरा भारतीय ध्वजवाहक सुशील कुमार के साथ मार्चपास्ट में चल रही थी. उसकी अवांछित मौजूदगी से भारतीय लाल पीले हो गए थे क्योंकि किसी को पता नहीं था कि वह कौन है. उसने कहा कि उसे नहीं लगा था कि ऐसा होगा. मधुरा ने कहा कि मेरे भीतर काफी साहस है, मैं मीडिया से बचना नहीं चाहती थी.
उसने कहा कि वह डांसर है और ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में नृत्य के लिये चुनी गई थी. मधुरा के पिता के नागेंद्र ने 29 जुलाई को कहा था कि उनकी बेटी का चयन उद्घाटन समारोह में नृत्य के लिये किया गया था. मधुरा पोस्ट ग्रेजुएट छात्रा है और बैंगलोर के क्राइस्ट कालेज में पढी है.