कोलकाता मेट्रो के दो डब्बे पटरी से उतर गई है. सुबह का समय होने के कारण काफी संख्या में लोग इसमें सवार थें. हलांकि इस दुर्घटना में किसी प्रकार के नुकसान की कोई खबर नहीं है. डब्बे में सवार यात्री नजदीकी सेंट्रल स्टेशन पर पहुंच चुके हैं.
यह हादसा सुबह 9.20 बजे गिरीश पार्क और सेंट्रल स्टेशन के बीच हुई जब ट्रेन सेंट्रल स्टेशन पहुंचने वाली थी. उस समय 1200 यात्री सवार थें.
24 अक्टूबर 1984 को शुरू हुई मेट्रो हर दिन करीब पांच लाख यात्रियों को शहर के दक्षिणी इलाके गरिया बाजार से उत्तरी छोर दम दम तक ले जाती है.
किसी विदेशी सलाहकार या विदेशी ठेकेदार की मदद के बिना भारतीय रेलवे के इंजीनियरों ने इसका निर्माण किया था. मेट्रो मार्ग का ज्यादातर हिस्सा समुद्र तल से नीचे है.
कोलकाता मेट्रो की शुरुआत 3.4 किलोमीटर के क्षेत्र में फैले पांच स्टेशनों से हुई थी. अब मेट्रो के 21 स्टेशन हैं जो 22.28 किलोमीटर के क्षेत्र में फैले हैं.
जहां एक ओर दिल्ली मेट्रो का तेजी से विस्तार हो रहा है वहीं दूसरी ओर देश की पहली भूमिगत मेट्रो रेल सेवा बिना किसी शोर-शराबे के पिछले 26 वर्षों से काम कर रही है.
यातायात की अव्यवस्था, टूटी-फूटी, गड्ढ़ों युक्त गलियों और गंदगी के लिए बदनाम शहर कोलकाता में समय की पाबंद और तेज गति वाली मेट्रो रेल ने अपनी अच्छी यात्रा और स्वच्छता के लिए यात्रियों की प्रशंसा पाई है.