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सीबीआई ने सुरेश कलमाडी को किया गिरफ्तार

राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के बर्खास्‍त अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी को लेकर कई महीनों से चली आ रही अटकलों पर सोमवार को आखिर विराम लग ही गया. कलमाड़ी के इर्द गिर्द शिकंजा कसने की कोशिश कर रहे केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने अंतत: इस महाआयोजन में कथित तौर पर अनियमितताओं को लेकर कलमाड़ी को गिरफ्त में ले लिया.

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सुरेश कलमाडी सुरेश कलमाडी

राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के बर्खास्‍त अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी को लेकर कई महीनों से चली आ रही अटकलों पर सोमवार को आखिर विराम लग ही गया. कलमाड़ी के इर्द गिर्द शिकंजा कसने की कोशिश कर रहे केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने अंतत: इस महाआयोजन में कथित तौर पर अनियमितताओं को लेकर कलमाड़ी को गिरफ्त में ले लिया.

सरकारी सूत्रों ने बताया कि दिन में पूछताछ के लिए एजेंसी के शानदार नए कार्यालय में बुलाए गए 67 वर्षीय कलमाड़ी को शाम के समय गिरफ्तार कर लिया गया.

क्वीन बैटन रिले घोटाले के संबंध में जांच एजेंसी की दो सदस्यीय टीम के लंदन दौरे के बाद सीबीआई ने यह कदम उठाया है.

सीबीआई ने दावा किया है कि उसकी टीम के लंदन दौरे के बाद उसे एएम फिल्म्स तथा एएम कार और वैन हायर लिमिटेड मामले में कथित अनियमितताओं को लेकर कुछ ताजा सबूत मिले हैं. इसमें वर्ष 2009 में आयोजित क्यूबीआर के दौरान कंपनियों को अनाप शनाप दरों पर ठेके दिए गए.

सूत्रों ने बताया कि टीम ने लंदन स्थित दोनों कंपनियों के मालिक आशीष पटेल से बात की जिन्होंने कथित रूप से बाजार कीमतों से अधिक दरों पर किए गए इस करार के संबंध में सूचना तथा दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं.

वर्ष 2009 में लंदन में क्यूबीआर के दौरान मेहमानों तथा ओलंपिक समिति के सदस्यों को टैक्सी आदि की सेवाएं मुहैया कराने के लिए एएम कार एंड वैन हायर कंपनी की सेवाएं ली गयीं. इस दौरान मानिटर आदि लगाने के लिए एएम फिल्म्स को ठेका दिया गया. सीबीआई ने अधिकारियों के लंदन दौरे के बाद सामने आए कुछ नए मुद्दों पर स्पष्टीकरण के लिए कलमाड़ी को एजेंसी के समक्ष पेश होने को कहा था.

कलमाडी ने पूर्व में अपने विदेश दौरे के कारण एजेंसी के समक्ष हाजिर होने में असमर्थता जाहिर की थी और कहा था कि वह 19 अप्रैल के बाद ही स्वदेश लौट पाएंगे लेकिन विदेश दौरे से लौटने के बावजूद वह यह कहते हुए सीबीआई के सामने नहीं आए कि वह अभी दिल्ली में नहीं हैं.

सीबीआई टीम ने अपनी लंदन यात्रा के दौरान उन अन्य कंपनियों से भी पूछताछ की थी जो ठेका पाने के लिए दौड़ में थीं. एजेंसी ने अपने दो सदस्यीय दल को लंदन भेजा था जिनमें अतिरिक्त निदेशक वी के गुप्ता तथा डीआईजी एस के पलसानिया थे.

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