मैं दबाव की सियासत नहीं करता और अगर शीतकालीन सत्र में लोकपाल बिल नहीं आया तो फिर आंदोलन करूंगा. ऐसा कहना है अन्ना हजारे का. अन्ना हजारे ने हमारे संवाददाता से एक बातचीत में कहा कि मैं तो फकीर आदमी हूं, मैं कैसे दबाव बना सकता हूं. अन्ना ने कहा कि मैं किसी प्रकार के दबाव की सियासत नहीं करता.
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अन्ना ने कहा कि सरकार बहुत बड़ी और ताकतवर है और मैं फकीर आदमी उसपर कैसे दबाव बना सकता हूं.
इससे पहले उत्तराखंड के चमोली में सोनिया गांधी का भाषण पढ़ा गया जिसमें इस बात का उल्लेख था कि अन्ना अनावश्यक रूप से सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. सोनिया की ओर से पढ़े गए भाषण में यह कहा गया कि जब प्रधानमंत्री मजबूत लोकपाल का आश्वासन दे चुके हैं तो फिर आंदोलन की धमकी क्यों दी जा रही है.
पढ़ें: अपनी टीम का पुनर्गठन करेंगे अन्ना हजारे भाषण में कहा गया कि सरकार मजबूत लोकपाल के प्रति कटिबद्ध है. सोनिया के इस पढ़े गए बयान के बाद ही अन्ना हजारे ने उस पर प्रतिक्रिया में उपरोक्त बात कही है. देखें: अन्ना ने कहा, ‘साफ चरित्र और ईमानदारी मेरी सबसे बड़ी ताकत’ उधर अरविन्द केजरीवाल ने सोनिया के इस बयान का स्वागत किया है और कहा है कि हम सभी को शीतकालीन सत्र का इंतजार है. सरकार अगर मजबूत लोकपाल बिल लाती है तो उसका स्वागत होगा.