गांधीवादी अन्ना हज़ारे पक्ष को जयप्रकाश नारायण राष्ट्रीय उद्यान पर 16 अगस्त से अनशन करने की केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) से अब तक मंजूरी नहीं मिल पायी है.
इस बीच, सरकार ने कहा कि अनशन पर जाने की हज़ारे की योजना अनुचित है. दिल्ली पुलिस ने पिछले दिनों हज़ारे पक्ष को जंतर मंतर पर अनशन करने की अनुमति देने से इनकार कर कहा था कि किसी भी एक समूह को वहां अनिश्चितकाल के लिये दावा कायम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती.
हज़ारे पक्ष को हालांकि रामलीला मैदान पर अनशन के लिये एमसीडी से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल गया लेकिन पुलिस ने कहा कि गांधीवादी कार्यकर्ता आईटीओ के नजदीक स्थित जयप्रकाश नारायण राष्ट्रीय उद्यान पर अनशन कर सकते हैं, बशर्ते उस पर स्वामित्व रखने वाली एजेंसी इसकी अनुमति दे.
हज़ारे पक्ष ने इस स्थान पर संतोष जाहिर किया था. यह उद्यान केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के अधीन आता है. क्या विभाग ने अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया है, इस पर हज़ारे के करीबी मनीष सिसौदिया ने बताया, ‘सीपीडब्ल्यूडी ने अब तक मंजूरी नहीं दी है.’
यह पूछे जाने पर कि जब संसद की स्थायी समिति लोकपाल विधेयक पर विचार कर रही है, तो हज़ारे की अनशन पर जाने की योजना पर सरकार का क्या रुख है, चिदंबरम ने कहा, ‘हरेक व्यक्ति को विरोध प्रदर्शन का अधिकार है और परिस्थितियां फैसला करेंगी कि कौन सही था या और कौन गलत.’
चिदंबरम ने कहा कि हजारे पक्ष का पिछला अनशन शायद सही था, क्योंकि उस समय तक लोकपाल विधेयक तैयार नहीं था लेकिन अब यह उचित नहीं है क्योंकि अब विधेयक संसद में पेश किया जा चुका है और सरकार इस पर पहले ही आगे कदम बढ़ा चुकी है. उधर, अमेरिका ने उम्मीद जतायी है कि भारत हज़ारे के मामले में लोकतांत्रिक संयम दिखाएगा.
अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता ने वाशिंगटन में कहा, ‘भारत एक लोकतंत्र है और हम समझते हैं कि वह जिस तरह शांतिपूर्ण प्रदर्शन से निबटता रहा है, उसी तरह इस बार भी उचित लोकतांत्रिक संयम बरतेगा.’ अमेरिकी की इस टिप्पणी को भारत ने गैर-जरूरी करार दिया है. विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि ये टिप्पणियां गैर-जरूरी हैं और भारत के संविधान में भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा शांतिपूर्ण ढंग से एकत्रित होने की आजादी दी गयी है.
इस बीच, हज़ारे को गुड़गांव के वेंदाता मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस तरह की खबरें थीं कि हज़ारे को रक्तचाप संबंधी कुछ समस्या है, लेकिन उनके साथी कार्यकर्ता ने इसका खंडन किया. सिसौदिया ने बताया, ‘हजारे को सुबह ही अस्पताल लाया गया, लेकिन उन्हें सेहत से जुड़ी कोई समस्या नहीं है. वह 16 अगस्त से अनिश्चितकालीन अनशन करने वाले हैं, लिहाजा इससे पहले उनके रक्तचाप आदि से संबंधित नियमित जांच की गयी. अन्ना बिल्कुल स्वस्थ हैं.’