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किसान करें वर्मी-कम्पोस्ट का इस्तेमाल: कृषि मंत्री

बिहार के कृषि मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह ने रविवार को कहा कि रासायनिक खाद दिन-प्रतिदिन खेतों की उर्वरा शक्ति को घटा रहे हैं और इससे छुटकारा पाने के लिए किसानों को वर्मी-कम्पोस्ट का इस्तेमाल करना चाहिए.

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बिहार के कृषि मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह ने रविवार को कहा कि रासायनिक खाद दिन-प्रतिदिन खेतों की उर्वरा शक्ति को घटा रहे हैं और इससे छुटकारा पाने के लिए किसानों को वर्मी-कम्पोस्ट का इस्तेमाल करना चाहिए.

अगली रबी फसल में बेहतर उत्पादन के लिए पटना में आयोजित विशेषज्ञों और कृषि से जुड़े क्षेत्रीय पदाधिकारियों की कार्यशाला में सिंह ने कहा कि रासायनिक खाद दिन-प्रतिदिन खेतों की उर्वरा शक्ति को घटा रहे हैं और इनसे छुटकारा पाने के लिए किसान वर्मी-कम्पोस्ट का इस्तेमाल करें.

सिंह ने कहा कि प्रदेश की नीतीश सरकार ने कृषि को बढ़ावा देने के लिए रोड मैप तैयार किया और बिहार देश में पहला ऐसा प्रदेश है जहां कृषि के लिए अलग से एक कैबिनेट का सृजन किया गया है और इसमें इससे जुड़े कुल 17 विभागों को शामिल किया गया है.

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उन्होंने कहा कि सिंह ने कहा कि बेहतर कृषि उत्पादन के लिए रासायनिक खाद का त्याग कर वर्मी-कंपोस्ट और जैविक खाद के इस्तेमाल को बढावा देना होगा. सिंह ने कहा कि प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए उनके विभाग ने हाल ही में पटना में एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया था.

उन्होंने कहा कि राज्य में जैविक खेती को बढावा देने के लिए पांच वषरे में 255 करोड़ रूपये से अधिक लागत की योजना की शुरूआत की गयी है.

सिंह ने कहा कि इसके तहत किसानों को वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन के लिए तीस हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है. साथ ही साथ व्यवसायिक वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन इकाई स्थापित करने पर 50 प्रतिशत, अधिकतम 25 लाख रूपये प्रति इकाई तक अनुदान देने का प्रावधान है.

बिहार के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह ने बताया कि अब तक इस योजना से 64714 किसान लाभान्वित हुए हैं तथा व्यावसायिक इकाई स्थापित करने के लिए विभाग द्वारा नौ व्यवसायियों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है. उन्होंने कहा कि आने वाले फरवरी से अप्रैल तक के गरमा मौसम में उनके विभाग ने प्रदेश में हरी खाद के तौर पर 10 लाख हेक्टयर भूमि में ढेंचा एवं मूंग की खेती किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

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सिंह ने कहा कि इस खरीफ मौसम के दौरान प्रदेश में सरकार द्वारा हरी खाद उत्पादन के लिए किसानों के बीच 99776 क्विंटल ढेंचा बीज का वितरण कर 3 लाख 70 हजार हेक्टेयर में हरी खाद बनाया गया.

कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि अगले रबी मौसम में बेहतर उत्पादन के लिए कृषि विभाग द्वारा दो चरणों में 10-19 अक्तूबर और 7-18 नवंबर तक किसानों को गेहूं, तेलहन, दलहन, मक्का के साथ बागवानी फसलों के लिए बीज एवं अन्य उपादान के साथ विभिन्न योजना के अंतर्गत विहित अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा.

उन्होंने बताया कि इस वर्ष राज्य के सभी 38 जिलों में श्री विधि से दो लाख 40 हजार हेक्टयर भूमि में गेहूं की खेती एवं एक लाख 73 हजार 340 हेक्टयर भूमि में गेहूं के प्रत्यक्षण का कार्यक्रम है .

सिन्हा ने बताया कि श्री-विधि से गेंहू के प्रत्यक्षण के लिए प्रति एकड़ 1600 रुपये की राशि अनुदान के तौर दी जाएगी .

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