शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने कहा कि सिखों के लिए अलग विवाह कानून मुहैया कराने से केंद्र का इनकार ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ है.
एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि सिख अलग विवाह कानून की मांग कर रहे हैं क्योंकि वर्तमान समय में उन्हें अपने विवाह को हिंदू विवाह अधिनियम के तहत पंजीकृत कराना पड़ता है जिससे समुदाय की धार्मिक भावनाएं प्रभावित होती हैं.
उन्होंेने केंद्र के निर्णय को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ और ‘चौंकाने’ वाला बताते हुए कहा कि इससे सिखों में अलगाव की भावना उत्पन्न होगी.