विमान किराए को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सरकार ने विमानन कंपनियों को विमान किराए को तर्कसंगत स्तर पर लाने को कहा है. किराए में कमी लाने के अब तक उठाए गए कदमों से सरकार पूरी तरह संतुष्ट नहीं है.
नवगठित नागर विमानन आर्थिक परामर्श परिषद की बैठक के बाद नागर विमानन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा, ‘विमानों के किराए नियंत्रित किए जाने की जरूरत है. हमने पहले ही विमानन कंपनियों को इस संबंध में और कदम उठाने की सलाह दी है.’ परिषद ने विमानन कंपनियों के प्रतिनिधियों और यात्रियों के संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल कर एक छोटा कार्य समूह गठित करने का निर्णय किया है ताकि नागर विमानन महानिदेशालय :डीजीसीए: के दिशानिर्देशों को ध्यान में रखकर किराए तय करने में ‘पारदर्शिता सुनिश्चित’ हो सके.
उन्होंने कहा कि सरकार विमानन कंपनियों को मनमाना किराए वसूलते हुए मूक दर्शक बनकर नहीं देख सकती. ‘विमानन कंपनियों द्वारा अभी तक उठाए गए कदमों से हम पूरी तरह संतुष्ट नहीं है.’ पटेल ने कहा, ‘अंतिम क्षण में बुकिंग कराने वाले यात्रियों से जो किराए वसूले जा रहे हैं वे अनुचित नहीं हो सकते.’ उन्होंने संकेत दिया कि विमानन कंपनियों को डीजीसीए द्वारा सुझाए गए उपायों को एक निर्धारित ‘समय सीमा’ के भीतर लागू करना चाहिए.
उल्लेखनीय है कि डीजीसीए और मंत्रालय विमानन कंपनियों को किराए में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पहले ही दिशानिर्देश जारी कर चुके हैं ताकि यात्रियों को यह जानकारी रहे कि एक अमुक समय पर यात्रा के दौरान यात्रियों से कितना किराया वसूला जाएगा.
डीजीसीए दिशानिर्देशों के बाद विमानन कंपनियों ने किराए में 20.25 प्रतिशत की कमी की है. नियामक ने विमानन कंपनियों को क्षेत्र.वार किराए आम आदमी की भाषा में अपनी वेबसाइटों पर उपलब्ध कराने को कहा था.
पटेल ने जोर दिया कि यात्रियों और विमानन कंपनियों दोनों के हितों का ख्याल रखा जाना चाहिये और यात्रियों को आगामी छुट्टियों और त्यौहारी सीजन के दौरान परेशान नहीं किया जाना चाहिए.
नए कार्यसमूह की अगले पखवाड़े बैठक होगी, जबकि स्थिति की आगे समीक्षा के लिए परिषद जनवरी में बैठक करेगी.