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फिर बढ़ सकते हैं पेट्रोल के दाम, दैनिक 261 करोड़ रुपये का नुकसान

पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री करने वाले सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी इंडियन ऑयल कापरेरेशन (आईओसी) आने वाले कुछ दिनों में एक बार फिर पेट्रोल के दाम बढ़ा सकती है. कंपनी को लागत से कम दाम पर पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री से दैनिक 261 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है.

पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री करने वाले सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी इंडियन ऑयल कापरेरेशन (आईओसी) आने वाले कुछ दिनों में एक बार फिर पेट्रोल के दाम बढ़ा सकती है. कंपनी को लागत से कम दाम पर पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री से दैनिक 261 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है.

कंपनी के अध्यक्ष आर.एस. बुटोला ने कंपनी निदेशक मंडल की बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा ‘पेट्रोल मूल्यों पर जल्द ही कंपनी निर्णय लेगी, कंपनी को अभी भी पेट्रोल सहित अन्य पेट्रोलियम उत्पादों पर अंडररिकवरी हो रही है.’
उन्होंने बताया कि कंपनी को पेट्रोल पर 4.58 रुपये, डीजल पर 14.66 रुपये और राशन में बिकने वाले मिट्टी तेल पर 28.27 रुपये प्रति लीटर की कम वसूली हो रही है. घरेलू रसोई गैस सिलेंडर पर कंपनी 330 रुपये का नुकसान उठा रही है.

उन्होंने कहा कि मई में समाप्त चालू पखवाड़े की समाप्ति पर हालांकि कम वसूली के आंकडों में कुछ फेरबदल हो सकता है लेकिन कंपनी की उधारी अब तक के सर्वोच्च स्तर 67,880 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है जिसपर उसे 1500 करोड़ रुपये का ब्याज चुकाना पड़ रहा है.

बुटोला ने कहा ‘कंपनी में रोज़ाना आधार पर स्थिति की समीक्षा होती है और काफी मुश्किल स्थिति होने पर ही दाम बढाने का निर्णय लिया जाता है.’’ समाप्ति वित्त वर्ष 2010.11 में कंपनी को सरकार से प्राप्त नकद सब्सिडी और ओएनजीसी और गेल जैसी अपस्ट्रीम क्षेत्र की कंपनियों से मिली सहायता के बावजूद 4,845 करोड रुपये का नुकसान स्वंय वहन करना पड़ा है.

कंपनी निदेशक मंडल की बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बुटोला ने बताया कि मई के समाप्त हो रहे इस पखवाड़े के बाद कंपनी को डीजल पर 12.64 रुपये, मिट्टी तेल पर 25.85 रुपये लीटर और घरेलू रसोई गैस सिलेंडर पर 385.70 रुपये सिलेंडर का नुकसान हो रहा है.

उल्लेखनीय है कि इसी महीने के पहले पखवाड़े में ही तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में पांच रुपये लीटर बढ़ा दिये थे. सरकार ने पिछले साल जून में पेट्रोल के दाम नियंत्रणमुक्त कर दिये थे. डीजल और रसोई गैस मूल्य की समीक्षा के लिये 9 जून को मंत्रिसमूह की बैठक बुलाई गई है.

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