जनलोकपाल कानून के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर दूसरी बार अन्ना हजारे एक दिन का सांकेतिक अनशन कर रहे हैं. इस दौरान पहली बार अन्ना के मंच पर कई पार्टियों के सियासी नेता भी जुट रहे हैं. जनलोकपाल पर खुली बहस के लिए टीम अन्ना ने दिया राजनीतिक पार्टियों को न्यौता दिया था.
टीम अन्ना ने जनलोकपाल पर खुली बहस के लिए कांग्रेस को भी न्योता भेजा था लेकिन कांग्रेस ने इससे कन्नी काट ली. पार्टी के प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि देश में बहस के लिए संसद ही सबसे बड़ा मंच है और इसके अलावा किसी और मंच की अहमियत नहीं रह जाती है.
जनलोकपाल पर बहस के लिए एनडीए की तरफ से बीजेपी की ओर से अरुण जेटली, जेडीयू की ओर से शरद यावद, टीडीपी की तरफ से चंद्रबाबू नायडू, सीपीआई की ओर से एबी बर्धन, सीपीएम की ओर से बृंदा करात और बीजेडी की आरे से पिनाकी मिश्रा शामिल हो रहे हैं.
लोकपाल की खुली बहस में समाजवादी पार्टी की तरफ से रामगोपाल यादव, अरुणा राय के एनसीपीआरआई की तरफ से निखिल डे पहुंचेंगे लोकपाल पर अपना मत रखने आ रहे हैं. दूसरी ओर लोकपाल पर बहस के लिए मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कैबिनेट की एक बैठक बुलाई है.