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भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक हों असम के लोग: अन्ना हजारे

अन्ना हजारे ने असम के लोगों से अपील की कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक हों और अपने अधिकार पाने के लिए दूसरे स्वाधीनता संग्राम के लिए तैयार रहें.

देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ माहौल तैयार करने में जुटे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे गुरुवार को असम पहुंचे. उन्होंने यहां के लोगों से अपील की कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक हों और अपने अधिकार पाने के लिए दूसरे स्वाधीनता संग्राम के लिए तैयार रहें.

अन्ना ने गुवाहाटी एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया. सम्मेलन का आयोजन विदेशियों की घुसपैठ, मूल निवासियों के भूमि अधिकार, बाढ़, भूमि-अपक्षरण तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र में प्रस्तावित बड़े बांधों के निर्माण जैसी समस्याओं पर चर्चा के लिए किया गया.

अन्ना हजारे ने कहा कि ब्रिटिश शासकों को भारत से खदेड़ने में स्वतंत्रता सेनानियों को 90 वर्ष लग गए. लेकिन उसके बाद देश की सरकारें विदेशी कंपनियों को फिर से भारत में आमंत्रित कर रही हैं और जमीन, पानी, वन एवं अन्य संसाधन बेच रही हैं.

उन्होंने कहा, 'केंद्र सरकार को देश के लोगों की मदद और उनके आर्थिक विकास के लिए नीतियां बनानी चाहिए. इसके बजाय सरकार विदेशी कंपनियों की मदद के लिए नीतियां बना रही है.'

असम इंजीनियरिंग इंस्टीच्यूट के मैदान में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए अन्ना ने कहा, 'मुझे महसूस होता है कि हमें असली आजादी नहीं मिली है. इसलिए हमें दूसरे स्वाधीनता संग्राम के लिए तैयार होना पड़ेगा.'

बुजुर्ग सामाजिक कार्यकर्ता ने यह भी कहा कि वह भ्रष्टाचार और मुसीबत बन चुके देश के अन्य मुद्दों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अगले वर्ष जनवरी से समूचे देश का दौरा करेंगे.

उन्होंने कहा कि उनका देशव्यापी दौरा लगभग डेढ़ साल तक चलता रहेगा और उन्हें उम्मीद है कि उस दौरान वह फिर असम में कुछ जनसभाओं को संबोधित करेंगे.

अन्ना ने लोगों को प्रोत्साहित किया कि वे सरकार पर ऐसी ग्राम सभाओं के गठन के लिए दबाव बनाएं, जो स्वायत्त संस्थाओं के रूप में कार्य करें. उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं को लोकसभा और विधानसभाओं से अधिक शक्तिशाली बनाया जा सकता है.

सम्मेलन का आयोजन असम के किसान नेता अखिल गोगोई और उनका संगठन कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) ने किया, जिसमें विभिन्न राज्यों से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भागीदारी की.

इस मौके पर अखिल गोगोई ने सरकार को राष्ट्रीय नागरिक पंजी में संशोधन कर उसे अद्यतन रूप देने की प्रक्रिया अगले वर्ष 31 दिसंबर तक पूरी करने का आखिरी मौका दिया. यह नागरिक पंजी राज्य में रह रहे विदेशियों की पहचान करने और उन्हें निर्वासित करने में मददगार साबित होगी.

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