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मुंबई के बाद पुणे में डेंगू का आतंक

हालिया महीनों में स्वाइन फ्लू से मौत के मामलों में वृद्धि के बाद पुणें में डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्थानीय प्रशासन के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं. शहर में पिछले ढाई माह में डेंगू के 300 से अधिक मामलों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है. इनमें से तीन लोगों की जान जा चुकी है.

हालिया महीनों में स्वाइन फ्लू से मौत के मामलों में वृद्धि के बाद पुणें में डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्थानीय प्रशासन के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं. शहर में पिछले ढाई माह में डेंगू के 300 से अधिक मामलों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है. इनमें से तीन लोगों की जान जा चुकी है.

स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए प्रयासरत स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अप्रैल से स्वाइन फ्लू के कम से कम 25 मरीजों को डेंगू हो चुका है. डेंगू के मामलों में वृद्धि की बात स्वीकार करते हुए पुणे नगर निगम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि इस माह शहर में डेंगू के 137 मामले और सितंबर में 135 मामले सामने आए.

उन्होंने बताया, ‘शहर में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं और कई की तो खबर भी नहीं मिल पाती.’ उन्होंने लोगों से ठहरे हुए पानी में मच्छरों का प्रजनन रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की. एक ओर जहां सभी पार्टियों के पाषर्दों ने बृहस्पतिवार को हुई बैठक में स्थानीय प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने डेंगू के खतरे से निपटने के लिए तेजी से कार्रवाई नहीं की वहीं पुणे नगर निगम आयुक्त महेश ने सदन को आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट पांच नवंबर को पेश की जाएगी.

उन्होंने यह भी बताया कि शहर में डेंगू के मामलों की ताजा संख्या 360 है जो अत्यंत चिंता की बात है. एक ओर जहां डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं वहीं शहर में एच1एन1 का संक्रमण भी फैल रहा है.

देश में वर्ष 2009 में पुणे में ही इस जानलेवा वायरस के संक्रमण का पहला मामला दर्ज किया गया था. अधिकारियों ने बताया कि इस माह स्वाइन फ्लू से दस मरीजों की जान गई है और अप्रैल से यह एच1एन1 के संक्रमण से 25 वीं मौत है. उन्होंने बताया कि अचानक बारिश होने या तापमान में वृद्धि जैसे मौसम में होने वाला बदलाव शहर में डेंगू और एच1एन1 के संक्रमण में वृद्धि का कारण हो सकता है.

पाषर्दों ने अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती और बजट प्रावधानों की मांग भी की ताकि करीब 50 लाख की आबादी वाले शहर में सफाई व्यवस्था की खामियां दूर की जा सकें. शहर में घरेलू जल संग्रह और बारिश के पानी से भरे पुराने टायरों में डेंगू के वायरस के वाहक मच्छरों का प्रजनन रोकने के लिए सफाई अभियान चलाया जा रहा है. सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को डेंगू और स्वाइन फ्लू के मामलों की रिपोर्ट तत्काल स्थानीय प्रशासन को देने के लिए कहा गया है ताकि निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके.

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