scorecardresearch
 

नीतीश के 'सुशासन राज' में एडमिशन घोटाला, सीबीआई जांच की मांग

बिहार के सरकारी स्कूलों में फर्जी एडमिशन का गोरखधंधा सामने आया है. ये एडमिशन उन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए हुए हैं, जिनमें बच्चों को पैसे मिलते हैं. विपक्ष अब सीबीआई जांच की मांग कर रहा है, जबकि नीतीश कुमार कह रहे हैं गलती तो हमने खुद ही पकड़ी है.

बिहार में एडमिशन का गोरखधंधा बिहार में एडमिशन का गोरखधंधा

बिहार के सरकारी स्कूलों में फर्जी एडमिशन का गोरखधंधा सामने आया है. ये एडमिशन उन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए हुए हैं, जिनमें बच्चों को पैसे मिलते हैं. विपक्ष अब सीबीआई जांच की मांग कर रहा है, जबकि नीतीश कुमार कह रहे हैं गलती तो हमने खुद ही पकड़ी है.

बिहार में चलाई जा रही साइकिल योजना हिट रही है लेकिन ऐसी ही योजनाओं से जुड़ा एक फर्जीवाड़ा सामने आया है. मामला ये है कि बिहार के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में चल रही योजनाओं का लाभ उठाने के इरादे से कई फर्जी एडमिशन हुए हैं.

साइकिल योजना, पोशाक योजना और मिड डे मील योजना का फायदा लेने के लिए तीन लाख से ज्यादा फर्जी नामांकन पकड़े गए हैं, जिन्हें रद्द कर दिया गया है.

जब संवाददाताओं ने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार से इस बाबत सवाल किए तो जवाब कुछ अजी‍ब सा आया. नीतीश का कहना है कि जब हमारी संख्या करोड़ों मे होती है तो लाख में तो ऐसे मामले मिलेंगे ही और अभी शुरुआत है. पूरी सख्ती के साथ इसकी पड़ताल होगी.

साइकिल योजना नीतीश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना है, जिसमें नौवीं और दसवी के छात्रों को साइकिल खरीदने के लिए तीन हजार रुपये मिलते हैं. लेकिन, इस योजना का लाभ उठाने के लिए एक ही छात्र या छात्रा का नाम 4 से 5 स्कूलों में पाया गया है.

एक अनुमान के मुताबिक बांका में 70 हजार, गया में 83 हजार, पश्चिम चम्पारण में 70 हजार, सासाराम में 50 हजार और सीतामढ़ी में 53 हजार फर्जी एडमिशन पाए गए हैं.

आरजेडी नेता रामकृपाल यादव इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. लेकिन, मुख्यमंत्री ये कहते हुए मामले को काबू में बता रहे हैं कि ये तो कोर्स करेक्शन है.

नीतीश कुमार ने कहा ये कोर्स करेक्शन हैं. सिस्टम के अंदर से ये बात आई है, हमने खुद ही तय किया है कि इसको देखेंगे.

इस धांधली के सामने आने के बाद सरकार ने कई जिलों में शिक्षकों के वेतन पर रोक लगा दी है. जो भी हो फर्जी एडमिशन मामले सरकार की फजीहत तय है क्योंकि सरकार खुद अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में करोड़ों की धांधली मान रही है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें