सेना की 69वीं सालगिरह पर आर्मी चीफ बिपिन रावत ने पाकिस्तान को चेताते हुए कहा कि LoC पर नापाक हरकत करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देंगे. रावत ने जवानों के वीडियो जारी करने पर बोला कि इससे वीर जवानों का मनोबल टूटता है.
देश की रक्षा में हर पल लगी रहने वाली भारतीय सेना आज 69वां सेना दिवस मना रही है. भारत में हर वर्ष 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना के साहस को सलाम करते हुए जवानों और उनके परिवार को बधाई दी.
ने ट्वीट कर कहा कि भारतीय सेना देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता की सुरक्षा के साथ ही प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नागरिकों की रक्षा करती है. पीएम ने कहा, 'सेना के त्याग और बलिदान पर हमें गर्व है. 125 करोड़ लोगों के लिए सेना के जवान अपनी जान हथेली पर लेकर चलते हैं.'
Greetings to all soldiers, veterans & their families on Army Day. We salute the courage & invaluable service of the Indian Army.
— Narendra Modi (@narendramodi)
दिल्ली के करियप्पा परेड ग्राउंड में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत सेना दिवस के मौके पर अमर जवान ज्योति पर बलिदानी जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित किया. इसके बाद दिल्ली कैंट में परेड की सलामी लेकर जवानों की विधवाओं को सेना मेडल और दूसरे पुरस्कारों से सम्मानित भी किया.
सेना दिवस मनाने की परंपरा के पहले कमांडर इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल केएम करियप्पा के सम्मान में 1949 से शुरू की गई.इससे पहले ब्रिटिश मूल के फ्रांसिस बूचर बतौर सेना प्रमुख थे. तब से हर वर्ष सेना के सभी कमांड हेडक्वार्टर और देश की राजधानी दिल्ली में आर्मी परेड और कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है.
सेना दिवस पर आज सियाचिन में 35 फीट बर्फ के नीचे छह दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने वाले स्वर्गीय लांस नायक हनुमंथप्पा को सेना मेडल से सम्मानित किया गया. उनकी धर्मपत्नी को यह मेडल दिया गया.
Delhi: Army Chief Gen Bipin Rawat honours wife of Siachen braveheart Lance Naik Hanamanthappa with Gallantry ward
— ANI (@ANI_news)
इस दौरान सेना जंग का एक नमूना पेश कर अपने कौशल और रणनीति का प्रदर्शन भी किया, जिसमें ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलें, जैविक और रासायनिक हथियारों से निपटने वाला सीबीआरएन वाहन और टी-90 टैंक आदि खास आकर्षण रहें.
इस अवसर पर आयोजित परेड और हथियारों के प्रदर्शन का उद्देश्य दुनिया को अपनी ताकत का एहसास कराना और देश के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना है.