महाराष्ट्र सरकार की ओर से नियुक्त कमेटी की शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चे अपनी आयु के मुकाबले बहुत भारी स्कूल बैग ढोते हैं और 10 वर्ष से कम आयु के 58 फीसदी से ज्यादा छात्र हड्डी रोगों से पीड़ित हैं.
जज वी एम कनाडे और न्यायमूर्ति बी पी कोलाबावाला की खंडपीठ को सूचित किया गया कि 12 पृष्ठों वाली रिपोर्ट सरकार की ओर से स्वीकार कर ली गई है और उसकी सिफारिशों को लागू करने के बारे में निर्णय जल्द किया जाएगा.
कोर्ट ने रिपोर्ट पढ़ने के बाद कहा, ‘जल्द ही बच्चों को ट्रॉली बैग ले जाना होगा क्योंकि वर्तमान में वे जो पीठ वाले बस्ते ढोते हैं वे पर्याप्त नहीं.’ जज कोलाबावाला जिनके बच्चे भी स्कूल जाते हैं, कहा कि ‘प्रतिदिन सभी विषयों की पढ़ाई होती है. इसलिए एक छात्र को सभी पुस्तकें और नोटबुक ले जानी होती हैं. समयसारिणी में परिवर्तन होना चाहिए.’
अदालत ने सरकार से अपना जवाब 23 जलाई तक दाखिल करने का निर्देश और उससे यह पूछा कि कमेटी की ओर से की गई सिफारिशों को कम लागू किये जाने की उम्मीद है.
इनपुट भाषा